गाजियाबाद (शिखर समाचार)। अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के अंतर्गत गुरुवार को मुरादनगर में महिला किसान दिवस, जनपद स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी और पराली प्रबंधन जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। “समृद्ध महिला किसान, समृद्ध देश” संदेश के साथ आयोजित कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 100 से अधिक महिलाओं को सम्मानित किया गया, जबकि कृषि यंत्रीकरण योजना के 11 लाभार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देने के साथ उनकी उपलब्धियों को पहचान देना रहा।
महिला किसानों को सम्मानित कर आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने का आह्वान
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुरादनगर की ब्लॉक प्रमुख सुचेता सिंह ने की। उन्होंने महिला किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने और आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर उत्पादन तथा आय बढ़ाने का आह्वान किया। सम्मानित महिलाओं में कृषि वैज्ञानिक, कृषि सखियां, अग्रणी महिला किसान, महिला उद्यमी तथा कृषि विभाग की महिला अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहीं। ब्लॉक प्रमुख राजीव त्यागी ने किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करते हुए पराली नहीं जलाने की शपथ दिलाई। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुंदू ने खाद्य प्रसंस्करण और कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर आय बढ़ाने के उपाय बताए। इस दौरान पांच किसानों को जैव कीटनाशी भी वितरित किए गए।
उप कृषि निदेशक आशीष कुमार सिंह ने रबी अभियान की तैयारियों और अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कृषि विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। जिला कृषि अधिकारी ने रबी फसलों की बुवाई के लिए खाद, बीज और उर्वरकों की उपलब्धता की जानकारी दी।
कृषि और महिला उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाएं बना रहीं पहचान
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जनपद की महिला किसान कृषि के विविध क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। डॉ. नीलम त्यागी मिलेट आधारित उत्पादों से जुड़े किसान उत्पादक संगठन का संचालन कर रही हैं। मंजू कश्यप मत्स्य पालन, एकीकृत कृषि प्रणाली और सिंघाड़े की खेती से जुड़ी हैं, जबकि प्रीति सैनी अंतरवर्तीय खेती सहित विभिन्न फसलों के उत्पादन में सक्रिय हैं। डॉ. मीनाक्षी करवाल ने जैव उर्वरक निर्माण और बिक्री के लिए ‘भून्नति’ नाम से उद्यम स्थापित किया है। लक्ष्मी मशरूम उत्पादन, प्रीति मिलेट की खेती, कविता फूलों-सब्जियों की खेती और डेयरी व्यवसाय तथा रेखा त्यागी फसल विविधीकरण और कृषि सखी के रूप में योगदान दे रही हैं। नीतू विविध फसलों की खेती, मंजू डेयरी व्यवसाय और कोमल स्वयं सहायता समूह के माध्यम से जूट के थैले बनाने के कार्य से जुड़ी हैं।
कार्यक्रम में बिजेन्द्र तोमर सहित कृषि विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। आयोजन के माध्यम से महिला किसानों को कृषि विकास की मुख्यधारा में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
