हरिद्वार (शिखर समाचार)। कुंभ मेला-2027 में सफाई और स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। शहरी विकास विभाग के सचिव नितेश कुमार झा ने सोमवार को मेला नियंत्रण भवन में कुंभ क्षेत्र में शामिल नगर निकायों, जिला पंचायतों और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रस्तावित एकीकृत स्वच्छता कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित निकायों और विभागों को अपनी विस्तृत कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर अंतिम रूप देकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सचिव ने कहा कि कुंभ क्षेत्र में सफाई व्यवस्था के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और प्रत्येक सेक्टर में आवश्यक मानव संसाधन, उपकरण व अन्य सुविधाओं की उपलब्धता समय से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि सफाई और स्वच्छता व्यवस्था की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इसके लिए शहरी विकास विभाग के डैशबोर्ड पर कुंभ क्षेत्र में शामिल सभी नगर निकायों और जिला पंचायतों को जोड़ा जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि एकीकृत कार्ययोजना में कुंभ से पहले, मेला अवधि और मेला समाप्त होने के बाद की व्यवस्थाओं को भी शामिल किया जाए। सफाई व्यवस्था के लिए आवश्यक सामग्री और उपकरणों की खरीद तथा उनके वितरण की योजना पहले से तैयार करने को कहा गया। नगर निगम हरिद्वार के नगर आयुक्त नंदन कुमार को योजना के क्रियान्वयन और समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कुंभ क्षेत्र में 13,865 शौचालय सीटें और 4,840 कूड़ेदान लगाने की तैयारी
बैठक में हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की नगर निगम सहित अन्य निकायों की तैयारियों की जानकारी ली गई। सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों और जिला पंचायतों के स्तर पर भी सफाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। दिसंबर की शुरुआत से पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती तथा उन्हें रसायनों और उपकरणों के सुरक्षित उपयोग का प्रशिक्षण देने को कहा गया।
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि कुंभ क्षेत्र के 32 सेक्टरों में 13,865 शौचालय सीट, 8,065 एफआरपी मूत्रालय और 4,840 कूड़ेदान स्थापित करने की तैयारी है। सफाई के लिए 493 वाहनों का उपयोग किया जाएगा।
ऑनलाइन निगरानी के साथ सीवेज निस्तारण की भी होगी व्यवस्था
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सीवेज निस्तारण के लिए छह मल-कीचड़ उपचार संयंत्र और सेक्टर आधारित मल-स्थानांतरण केंद्रों का उपयोग होगा। बैठक के बाद सचिव ने सर्वानंद घाट से लगी मेला भूमि का निरीक्षण कर प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
