ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। ग्रेटर नोएडा में वर्ष 2002 से 2013 के बीच क्रय अथवा अधिग्रहित की गई भूमि के ऐसे किसानों को अब मूल प्रतिकर की 64.7 प्रतिशत राशि अतिरिक्त प्रतिकर के रूप में मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिन्हें किसी कारणवश इसका लाभ नहीं मिल सका था। उत्तर प्रदेश शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से 4,500 से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण की ओर से किसानों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त प्रतिकर दिए जाने का अनुमान है।
बताया गया है कि जिन किसानों की भूमि उक्त अवधि में क्रय अथवा अधिग्रहित की गई थी, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने या न्यायालय की शरण में नहीं जा पाने के कारण उन्हें 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का लाभ नहीं मिल सका, अब ऐसे किसानों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। शासनादेश जारी होने के बाद लंबे समय से अतिरिक्त प्रतिकर की मांग कर रहे किसानों में खुशी है।
4,500 से अधिक किसानों को मिलेगा लाभ
किसानों को अतिरिक्त प्रतिकर का लाभ दिलाने के लिए शासनादेश जारी कराने में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, जिले के प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह और दादरी विधायक तेजपाल नागर की भूमिका रही है।
शासन ने प्राधिकरण को दिया निर्णय लेने का अधिकार
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उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मामले में निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, प्राधिकरण ने वर्ष 2002 से 2013 के मध्य क्रय अथवा अधिग्रहित भूमि के संबंध में 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर दिए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। इसमें उच्च न्यायालय में गजराज व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य मामले में पारित आदेश का भी हवाला दिया गया था।
अभिलेखों और पात्रता की जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
शासन ने कहा है कि उक्त अवधि में भूमि क्रय अथवा अधिग्रहित होने के बावजूद जिन किसानों को 64.70 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का लाभ नहीं मिला है, उन्हें मूल प्रतिकर की 64.7 प्रतिशत राशि अतिरिक्त प्रतिकर के रूप में दिए जाने पर प्राधिकरण निर्णय ले सकता है। अब प्राधिकरण संबंधित किसानों के अभिलेखों, पात्रता और लागू नियमों की जांच कर आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा।
