गाजियाबाद (शिखर समाचार)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के कार्यालय परिसर में श्रद्धा, सादगी और गरिमापूर्ण वातावरण में गांधी जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राधिकरण के उच्चाधिकारी, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सादगी और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को स्मरण करते हुए उनके विचारों को अपने जीवन और कार्यशैली में अपनाने का संकल्प लिया।
रामधुन से गूंजा कार्यालय परिसर
समारोह के दौरान कार्यालय परिसर में रामधुन का आयोजन किया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से रामधुन में सहभागिता की, जिससे परिसर का वातावरण श्रद्धा और आध्यात्मिक भाव से भर गया। वक्ताओं ने महात्मा गांधी के जीवन, संघर्ष और उनके विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा के सिद्धांत आज भी समाज एवं प्रशासन के लिए प्रासंगिक हैं। गांधी जी ने स्वच्छता को केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि स्वस्थ और सशक्त समाज की बुनियाद माना था। इसी भावना के अनुरूप स्वच्छता, पारदर्शिता, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा को कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा ने जनसेवा पर दिया जोर
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जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा और जनसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उनके विचार प्रशासनिक कार्यप्रणाली को भी जनहित और कर्तव्यनिष्ठा की दिशा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी के आदर्शों को केवल स्मरण करने तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यवहार और कार्यशैली में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की भावना पर जोर
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जीडीए अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि गांधी जी ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सुविधाओं का लाभ पहुंचाने की भावना को महत्व दिया। उनके सत्य, स्वच्छता और अहिंसा के संदेश आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनहित को प्राथमिकता देते हुए पूरी पारदर्शिता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
