कड़ी मेहनत और लगन से ही लक्ष्य हासिल किया जा सकता है : मयूर दीक्षित

Rashtriya Shikhar
2 Min Read
“Goals Can Be Achieved Only Through Hard Work and Dedication”: Mayur Dixit IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

हरिद्वार (शिखर समाचार)। सत्यम पाठशाला के बच्चों ने मंगलवार को जनपद मुख्यालय का भ्रमण कर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित समेत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान अधिकारियों ने बच्चों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुशासन तथा यातायात नियमों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए सबसे पहले लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। इसके बाद कड़ी मेहनत और लगन के साथ लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रयास करने से सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने समय का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने के लिए किया प्रेरित

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-indirapuram-woman-death-family-halts-last-rites-demands-probe-40199229.html

जिलाधिकारी ने बच्चों को मोबाइल फोन और सामाजिक माध्यमों के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने की सलाह देते हुए कहा कि मोबाइल के अधिक इस्तेमाल में कई बच्चे अपना महत्वपूर्ण समय बर्बाद कर देते हैं। इसलिए समय का उपयोग पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियों में करना चाहिए। पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात निशा यादव ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मेहनत और लगन के बल पर हर बच्चा भारतीय प्रशासनिक सेवा या भारतीय पुलिस सेवा में अधिकारी बनने का सपना पूरा कर सकता है। उन्होंने बच्चों को अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी दिया जोर

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह ने शिक्षा के साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता और नियमित समाचार पढ़ने के महत्व पर प्रकाश डाला। अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने भी बच्चों से संवाद किया। सत्यम पाठशाला के संचालक अरुण कश्यप ने बताया कि बच्चों को शिक्षा के साथ समाज की मुख्यधारा से जोड़ना पाठशाला का प्रमुख उद्देश्य है। इस अवसर पर शिक्षिका रेणु देवी सहित आशा, वैष्णवी, शिवम, अश्विन, शालू, आयुष, हंसिका, तेजस, शौर्य, प्राणिका, प्रणव, मीरा, पायल, कृष्णा, श्रेष्ठ, देवांशु, शिवानी, दिव्यांका, मानवी, अनु और वांशिका आदि बच्चे मौजूद रहे।

Share This Article
Leave a comment