एसएसवी कॉलेज में शिक्षकों की सेवाओं को लेकर विवाद, हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन की मांग

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
Dispute over teachers’ services at SSV College; demand for compliance with High Court order IMAGE CREDIT TO रिपोर्टर

हापुड़ (शिखर समाचार)। एसएसवी पीजी कॉलेज हापुड़ में बीकॉम स्ववित्तपोषित और बीएड पाठ्यक्रम के शिक्षकों की सेवाएं जारी रखने को लेकर विवाद सामने आया है। शिक्षकों ने हाईकोर्ट के आदेश और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के निर्देशों का अनुपालन करते हुए 19 सितंबर 2026 से सेवाएं जारी रखने की मांग की है। शिक्षकों के अनुसार विश्वविद्यालय ने 16 सितंबर को कॉलेज सचिव को पत्र भेजकर कुलसचिव के अंतिम निर्णय होने तक उनकी सेवाएं जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

प्रबंधन समिति के फैसले को लेकर शिक्षकों ने उठाए सवाल

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-indirapuram-woman-death-family-halts-last-rites-demands-probe-40199229.html

शिक्षकों का कहना है कि विवाद 6 जून 2026 को हुई प्रबंधन समिति की बैठक में लिए गए निर्णय से जुड़ा है। बैठक में सत्र 2026-27 में बीकॉम स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम बंद करने और बीएड की सीटें कम करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके साथ शिक्षकों की सेवाएं तीन माह तक जारी रखने का निर्णय लिया गया। शिक्षकों का दावा है कि प्रस्ताव पर विश्वविद्यालय की अंतिम अनुमति और कुलपति का अनुमोदन नहीं लिया गया था।

हाईकोर्ट के आदेश और कुलसचिव के निर्णय का हवाला

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/

शिक्षकों के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 7 अगस्त 2026 को अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए पूर्व आदेश के अनुपालन के लिए तीन माह का अंतिम अवसर दिया था। उनका कहना है कि 13 नवंबर 2025 के आदेश में कुलसचिव द्वारा वेतन संबंधी प्रकरण का निर्णय होने तक उन्हें कॉलेज में कार्य करने की अनुमति दी गई थी। शिक्षकों का आरोप है कि कुलसचिव के निर्णय से पहले प्रबंधन समिति द्वारा सेवाओं से संबंधित प्रस्ताव पारित किया गया।

ज्ञापन लेने से इनकार का आरोप, ई-मेल से भेजा पत्र

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/humorous-poetry-recitation-by-shambhu-shekhar/

शिक्षकों ने आरोप लगाया कि गुरुवार को सामूहिक रूप से ज्ञापन देने प्राचार्य कार्यालय पहुंचे तो उसे लेने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने ज्ञापन ई-मेल के माध्यम से भेजा। प्रबंध समिति अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने कहा कि उन्हें अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्राचार्य डॉ. नवीन चंद्र से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन काट दिया।

Share This Article
Leave a comment