हापुड़ (शिखर समाचार)। छठे राष्ट्रीय औषधि सुरक्षा निगरानी सप्ताह के अवसर पर सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, हापुड़ के औषधि विज्ञान विभाग की ओर से दवा सुरक्षा और प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सा छात्रों, नर्सिंग कर्मचारियों और शिक्षकों को दवाओं से होने वाली प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की पहचान, उनका दस्तावेजीकरण तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिपोर्ट करने का प्रशिक्षण देना रहा।
दवा सुरक्षा और प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग पर जोर
कार्यशाला में वक्ताओं ने बताया कि दवाओं के सेवन के बाद होने वाली प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की समय पर पहचान और सही तरीके से रिपोर्टिंग मरीजों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतिकूल प्रतिक्रिया की अनदेखी करने के बजाय उसकी जानकारी संबंधित व्यवस्था तक पहुंचाना जरूरी है, जिससे दवा सुरक्षा से जुड़े जोखिमों की पहचान और उन्हें कम करने के प्रयास किए जा सकें। प्रतिभागियों को प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रिया संबंधी प्रपत्र भरने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्या डॉ. बरखा गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक मेजर जनरल डॉ. चरनजीत सिंह अहलूवालिया, वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर डॉ. आरके सहगल, महाप्रबंधक एन. वर्धराजन और निदेशक रघुवार दत्त सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्र तथा नर्सिंग कर्मचारी मौजूद रहे।
औषधि विज्ञान विभाग की टीम ने किया कार्यक्रम का समन्वय
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कार्यक्रम का समन्वय औषधि विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. कविता धर बगाती ने डॉ. शाकिता फातिमा, डॉ. तबिंदा नजीर, डॉ. पूनम सिंह सहित विभागीय टीम के साथ किया। समापन पर आयोजकों ने संस्थान के अध्यक्ष डॉ. जे. रामचंद्रन और उपाध्यक्ष डॉ. रम्या रामचंद्रन के प्रति आभार व्यक्त किया।
