——–मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में होगी सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
——-अवैध निर्माणकर्ताओं और कालोनाइजरों को नोटिस के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
हापुड़ (शिखर समाचार)। हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने जनपद की तीनों तहसील क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया है। प्राधिकरण की ओर से मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में 15, 17, 22 और 24 सितंबर को सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा। प्राधिकरण ने निर्माणकर्ताओं और कालोनाइजरों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि कार्रवाई से बचने के लिए मानचित्र स्वीकृत कराने के बाद ही निर्माण अथवा प्लाटिंग का कार्य शुरू करें।
बिना मानचित्र निर्माण से प्राधिकरण को राजस्व की क्षति
जिले के शहरी क्षेत्रों में भवन, गोदाम, दुकान, कारखाना सहित अन्य आवासीय और व्यावसायिक निर्माण कराने के लिए हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई स्थानों पर बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कराया जा रहा है। इससे प्राधिकरण को प्रतिमाह लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है। अवैध निर्माण को लेकर प्राधिकरण उपाध्यक्ष और प्रभारी सचिव को लगातार शिकायतें भी मिल रही हैं।
15, 17, 22 और 24 सितंबर को चलेगा अभियान
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एचपीडीए के प्रभारी सचिव अमित कादियान ने बताया कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग करने वाले लोगों को पूर्व में नोटिस जारी कर प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई लोगों ने मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया। इसके बाद प्राधिकरण ने अब सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि 15, 17, 22 और 24 सितंबर को जिले की तीनों तहसील क्षेत्रों में अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने निर्माणकर्ताओं और कालोनाइजरों से अपील की कि प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराने के बाद ही निर्माण अथवा प्लाटिंग करें। गौरतलब है कि अवैध कालोनियों में जमीन के दाम कम होने के कारण स्वीकृत कालोनियों में भूखंडों की बिक्री भी प्रभावित हो रही है। जिले में अवैध कालोनियां काटे जाने की शिकायतें भी मिल रही हैं, जिन पर प्राधिकरण द्वारा नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
