अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 20 हजार के ईनामी समेत चार गिरफ्तार

Rashtriya Shikhar
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Interstate vehicle theft gang busted; four arrested, including a suspect carrying a reward of ₹20,000. IMAGE CREDIT TO पुलिस

गाजियाबाद (शिखर समाचार)।

स्वाट टीम अपराध शाखा और थाना ट्रोनिका सिटी पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने बुलंदशहर में वाहन चोरी के मामले में वांछित 20 हजार रुपये के ईनामी अपराधी सहित गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चोरी की 5 गाड़ियां, फर्जी नंबर प्लेटें और वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरण बरामद किए हैं।

गिरफ्तार गिरोह लंबे समय से उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न जिलों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य अलीगढ़, आगरा, लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से चार पहिया वाहनों की चोरी कर उन्हें फर्जी नंबर प्लेट और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अन्य राज्यों व जिलों में बेच देते थे।

स्वाट टीम और अपराध शाखा को लंबे समय से इस गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसके बाद योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए चारों को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों की जानकारी पर पुलिस अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।

चोरी की पांच गाड़ियां और फर्जी दस्तावेज बरामद

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बरामद पांचों वाहन विभिन्न जनपदों से चोरी हुए थे। पुलिस प्रत्येक वाहन के इंजन और चेसिस नंबर का सत्यापन कर उनके वास्तविक मालिकों का पता लगा रही है। साथ ही बरामद फर्जी नंबर प्लेटों और चोरी में प्रयुक्त उपकरणों की भी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि गिरोह के नेटवर्क और कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी सामने आ सके।

वाहन चोरी के बाद बदल देते थे पहचान, नेटवर्क की जांच जारी

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गिरोह सुनसान स्थानों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में खड़े वाहनों को निशाना बनाता था। चोरी के बाद वाहन की पहचान छिपाने के लिए उसकी नंबर प्लेट बदल दी जाती थी और कुछ मामलों में वाहन के अन्य पहचान चिह्नों से भी छेड़छाड़ की जाती थी। इसके बाद वाहनों को कम कीमत पर बेचकर गिरोह मोटा मुनाफा कमाता था।

एडीसीपी क्राइम पियूष सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और यह भी जांच की जा रही है कि इनके तार अन्य राज्यों में सक्रिय वाहन चोरी गिरोहों से जुड़े हैं या नहीं। फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।

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