शामली (शिखर समाचार)।
सावन माह की कांवड़ यात्रा के दौरान जनपद के विभिन्न कांवड़ सेवा शिविरों में शिवभक्तों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं को भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल, स्वच्छ शौचालय तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। सेवा कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति भी श्रद्धालुओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है, जिससे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी प्रसारित हो रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन की भावना के अनुरूप अधिकांश सेवा शिविरों में अस्थायी शौचालय और स्नान की व्यवस्था की गई है। नगर पंचायत की ओर से उपलब्ध कराए गए अस्थायी शौचालयों की नियमित सफाई कराई जा रही है, ताकि स्वच्छता बनी रहे और संक्रमण फैलने की आशंका न हो। कांवड़ियों की सुविधा के लिए दोपहिया और चारपहिया वाहनों की अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने में स्वयंसेवक, चिकित्साकर्मी और पुलिसकर्मी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
स्वयंसेवक संभाल रहे सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी
शिविर संचालक कुशांक चौहान ने बताया कि स्वयंसेवकों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वे भोजन वितरण, पेयजल उपलब्ध कराने, सफाई व्यवस्था, प्राथमिक चिकित्सा और श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन का कार्य पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई शिविरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि पुलिस की नियमित गश्त भी जारी है।
पर्यावरण संरक्षण के साथ दिया जा रहा स्वच्छता का संदेश
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ग्लोबल शांति केयर हॉस्पिटल, हनुमान धाम और गुलजारी वाला मंदिर सहित विभिन्न सेवा शिविरों में प्लास्टिक का उपयोग कम करने का संदेश दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं को स्टील और कागज के बर्तनों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही पौधरोपण और स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। सेवा, स्वच्छता, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का यह समन्वय कांवड़ यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और प्रेरणादायी बना रहा है।
