गाजियाबाद (शिखर समाचार)। प्रख्यात कथाकार से. रा. यात्री की जयंती पर आयोजित कथा संवाद में वरिष्ठ साहित्यकारों ने उनके साहित्य और व्यक्तित्व को याद करते हुए उन्हें हिंदी कथा साहित्य का निर्भीक और संवेदनशील रचनाकार बताया। इस अवसर पर कथा रंग कहानी प्रतियोगिता 2024-25 के पुरस्कारों की भी घोषणा की गई।
वरिष्ठ साहित्यकार ममता कालिया ने कहा कि से. रा. यात्री की संवेदनशीलता केवल उनके लेखन तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनके निजी जीवन और व्यवहार में भी स्पष्ट दिखाई देती थी। उन्होंने कहा कि उनके जीवन के संघर्ष उनके साहित्यिक पात्रों में भी प्रतिबिंबित होते हैं।
वहीं विभूति नारायण राय ने कहा कि यात्री जी का संपूर्ण लेखन उनकी निर्भीक साहित्यिक यात्रा का प्रमाण है। वरिष्ठ साहित्यकार अशोक मैत्रेय ने कहा कि यात्री ने आम आदमी के संघर्ष, संवेदना और बदलते सामाजिक यथार्थ को अत्यंत प्रामाणिक ढंग से अभिव्यक्त किया।
साहित्यकारों ने साझा किए यात्री जी से जुड़े संस्मरण
विभूति नारायण राय ने चार दशक पुराने संबंधों को याद करते हुए से. रा. यात्री से जुड़े कई संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि अंतिम समय तक यात्री जी की स्मरण शक्ति अत्यंत सजग थी और किसी व्यक्ति, स्थान या घटना को भूल जाना उन्हें व्याकुल कर देता था।
उन्होंने कहा कि यात्री जी हमेशा डायरी और कलम साथ रखते थे तथा भूले हुए नामों और प्रसंगों को याद कर तुरंत लिख लिया करते थे। उनके व्यक्तित्व में साहित्य के प्रति गहरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता दिखाई देती थी।
कार्यक्रम में डॉ. बीना शर्मा ने से. रा. यात्री की चर्चित कहानी आकाशचारी का प्रभावशाली पाठ किया। वहीं कमलेश भट्ट कमल की पुस्तक किताबों की जगमग दुनिया का लोकार्पण भी किया गया। प्रकाशक राहुल शिवाय ने पुस्तक की विशेषताओं पर प्रकाश डाला।
कथा रंग प्रतियोगिता के विजेताओं को किया सम्मानित
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इस अवसर पर कथा रंग की विभिन्न वर्षों में आयोजित कहानी प्रतियोगिताओं के विजेताओं वंदना वाजपेयी, सिनीवाली और रिंकल शर्मा को पुरस्कार राशि प्रदान की गई। साथ ही संयोजक आलोक यात्री और निर्णायक मंडल के सदस्य कमलेश भट्ट कमल ने वर्ष 2024-25 की कहानी प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में रेनू अंशुल, डॉ. अजय गोयल, रश्मि वर्मा और शिवराज सिंह की कहानियों पर गंभीर साहित्यिक विमर्श हुआ।
मुख्य अतिथि डॉ. निधि अग्रवाल ने कहा कि कथा संवाद जैसे आयोजन नए रचनाकारों को निखारने और उन्हें साहित्यिक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वरिष्ठ साहित्यकार सुभाष चंदर ने कहा कि आज का लेखक जल्दबाजी में कहानी लिखने का प्रयास करता है, जबकि अच्छी कहानी धैर्य और ठहराव की मांग करती है।
उन्होंने कहा कि कथा संवाद का उद्देश्य लेखन की कमियों को रचनात्मक ढंग से सामने लाना है, न कि आलोचना करना।
कार्यक्रम का संचालन आलोक यात्री और रिंकल शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। अद्विक प्रकाशन के संचालक अशोक गुप्ता ने कथा रंग की भावी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में साहित्यकारों, पत्रकारों, रंगकर्मियों और बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति रही।
