आरव शर्मा
देहरादून (शिखर समाचार)। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। रविवार को प्राधिकरण की टीमों ने सहसपुर, पौंधा और डालनवाला क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई करते हुए करीब 100 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही, स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए कई बहुमंजिला निर्माणों को सील कर दिया गया है।
सहसपुर में 100 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
प्राधिकरण की टीम ने सहसपुर के जाटोवाला क्षेत्र में नए हाईवे के निकट बड़ी कार्रवाई की। यहाँ अभिषेक बलूनी, दीपक सैनी एवं अन्य द्वारा लगभग 100 बीघा भूमि पर बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर विकसित की गई सड़कों और अन्य अनधिकृत निर्माणों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया।
डालनवाला और पौंधा में सीलिंग की कार्रवाई
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अभियान के दौरान अन्य क्षेत्रों में भी सख्त रवैया अपनाया गया:
° डालनवाला: कोरोनेशन अस्पताल के निकट अनुराधा सिंह, राजीव यादव और जगदीश एवं अन्य द्वारा किए गए अवैध निर्माणों को चिन्हित कर सील कर दिया गया।
° पौंधा: फुलसैनी रोड स्थित पौंधा क्षेत्र में शुभम गोयल द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए दो बहुमंजिला निर्माणों को प्राधिकरण की टीम ने सील कर दिया।
अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं: बंशीधर तिवारी
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एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित और व्यवस्थित विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण से न केवल शहर का नियोजित विकास प्रभावित होता है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माणों के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आम जनता से अपील: संपत्ति खरीदने से पहले जांचें दस्तावेज
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एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी भूखंड अथवा संपत्ति की खरीद से पहले संबंधित ले-आउट, मानचित्र और प्राधिकरण से मिली अनुमतियों की जांच अवश्य कर लें। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों या प्लॉटिंग में निवेश करने से नागरिकों को आर्थिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
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सीलिंग और ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई। इस दौरान प्राधिकरण के क्षेत्रीय अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी शिकायतों और सर्वे के आधार पर अवैध गतिविधियों को चिन्हित कर उन पर प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
