माता की स्मृति में पूर्व छात्र ने शुरू की छात्रवृत्ति, विज्ञान के सात मेधावी विद्यार्थियों को मिली आर्थिक सहायता

Rashtriya Shikhar
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Scholarship Started by Former Student in Memory of Mother; Seven Meritorious Science Students Receive Financial Assistance IMAGE CREDIT TO स्कूल

नई दिल्ली (शिखर समाचार)। केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-8, आर.के. पुरम के वर्ष 1994 बैच के पूर्व छात्र वेंकटरमणन बालासुब्रमणियन ने अपनी दिवंगत माता बनुमति की 80वीं जयंती के अवसर पर बनुमति मेमोरियल छात्रवृत्ति की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य विद्यालय के विज्ञान वर्ग में अध्ययन करने वाले मेधावी एवं आर्थिक रूप से जरूरतमंद विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।

मेधावी विद्यार्थियों के लिए नई छात्रवृत्ति की शुरुआत

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इस वर्ष छात्रवृत्ति के तहत कुल सात विद्यार्थियों का चयन किया गया। कक्षा 10 से 11 में प्रवेश लेने वाले शिवम महतो, गौरव सिंह, तन्निष्ठा भट्टाचार्य, अर्चिता जायसवाल और साक्षी कुमारी को 12-12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। वहीं कक्षा 11 से 12 में पहुंचे सलोनी कुमारी और अनुज चौहान को 20-20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।

छात्रवृत्ति के लिए चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखा गया। चयन में शैक्षणिक प्रदर्शन को 60 प्रतिशत, आर्थिक आवश्यकता को 35 प्रतिशत तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को 5 प्रतिशत महत्व दिया गया। इसके अलावा विज्ञान प्रतियोगिताओं, विज्ञान मेलों, नेतृत्व गतिविधियों, स्काउट्स एवं गाइड्स, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और खेलकूद में उपलब्धियों को भी मूल्यांकन का आधार बनाया गया।

पूर्व छात्र का भावनात्मक योगदान और प्रेरणा

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वेंकटरमणन बालासुब्रमणियन ने कहा कि शिक्षा जीवन को बदलने की सबसे प्रभावी शक्ति है। यह छात्रवृत्ति उनकी माता को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिनके संस्कारों और प्रेरणा ने उनके जीवन को दिशा दी। उन्होंने कहा कि इस पहल से विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखने वाले विद्यार्थियों को आत्मविश्वास और आर्थिक संबल मिलेगा।

वर्तमान में चेन्नई में कार्यरत वेंकटरमणन बालासुब्रमणियन सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ हैं और दो सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य रवीन्द्र कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व छात्रों का ऐसा योगदान न केवल विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है, बल्कि विद्यालय और पूर्व छात्रों के बीच संबंधों को भी मजबूत बनाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह छात्रवृत्ति आने वाले वर्षों में अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।

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