आरव शर्मा
देहरादून (शिखर समाचार)। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लाटिंग और बिना नक्शे के हो रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। शुक्रवार को एमडीडीए की टीम ने विकासनगर तहसील के रेतीवाला क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अतुल्यम रिजॉर्ट के पास बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाई जा रही सीसी सड़क को भी बुलडोजर से उखाड़ दिया गया।
नोटिस के बावजूद दोबारा शुरू कर दिया था काम
प्राधिकरण के अनुसार, अभिनव बंसल और अन्य लोगों द्वारा बिना मानचित्र पास कराए इस भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी, जो नगर योजना एवं विकास अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। एमडीडीए ने पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी कर काम रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर काम जारी रखा गया। क्षेत्रीय अभियंताओं की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले 20 मई 2026 को भी एमडीडीए ने यहां ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी, लेकिन संबंधित पक्ष ने दोबारा यहां सड़क और प्लाटिंग का काम शुरू कर दिया। इसके बाद एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर जेसीबी मशीनों से सभी अवैध संरचनाओं को फिर से ढहा दिया।
अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों को सख्त निर्देश
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एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास ही प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर अवैध निर्माण और प्लाटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों की नियमित निगरानी करते हुए त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जनता से अपील: जमीन खरीदने से पहले जांचें वैधता
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एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि अलग-अलग सेक्टरों में गठित टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। प्राधिकरण ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड या संपत्ति को खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच जरूर कर लें, ताकि अवैध प्लाटिंग में निवेश करने से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। एमडीडीए ने नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि उनके संज्ञान में कोई अवैध निर्माण या प्लाटिंग आती है, तो इसकी सूचना तत्काल प्राधिकरण को दें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
