हापुड़ (शिखर समाचार)।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) द्वारा हापुड़ ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम चक्रसैनपुर उर्फ बाबूगढ़ में 30 हेक्टेयर क्षेत्रफल में हरिपुर आवासीय योजना विकसित की जा रही है। इस योजना के लिए अब तक लगभग 26 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री किसानों द्वारा प्राधिकरण के पक्ष में कराई जा चुकी है, जबकि शेष 4 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री की प्रक्रिया जारी है।
दो दशक बाद नई आवासीय योजना को मिली गति
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एचपीडीए के उपाध्यक्ष मुकेश चन्द्रा ने बताया कि करीब दो दशक बाद प्राधिकरण द्वारा नई आवासीय योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। किसानों से सहमति के आधार पर भूमि क्रय की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। भू-अर्जन एवं पुनर्ग्रहण क्रय सलाहकार नृपेश सिंह तोमर द्वारा किसानों को मुआवजे के चेक भी वितरित किए जा चुके हैं, जिससे शेष किसान भी रजिस्ट्री के लिए आगे आ रहे हैं।
एनसीआर के लिए बनेगी उदाहरण योजना
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उपाध्यक्ष मुकेश चन्द्रा के अनुसार चक्रसैनपुर उर्फ बाबूगढ़ में विकसित हो रही यह योजना केवल हापुड़ ही नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र के लिए एक उदाहरण साबित होगी। इससे नागरिकों को सुरक्षित, समृद्ध और टिकाऊ जीवनशैली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
100 से अधिक किसान दे रहे भूमि
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भू-अर्जन सलाहकार नृपेश सिंह तोमर ने बताया कि इस योजना के लिए 100 से अधिक किसानों से भूमि ली जा रही है। अब तक 26 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री हो चुकी है और शेष भूमि की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
180 करोड़ से अधिक की लागत, बढ़ रही मांग
हरिपुर आवासीय योजना की कुल लागत 180 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इसमें से 70 करोड़ रुपये भूमि क्रय के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्राधिकरण को उपलब्ध कराए गए हैं।
हालांकि योजना अभी पूरी तरह धरातल पर नहीं उतरी है, इसके बावजूद लोगों में इसका खासा आकर्षण देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग एचपीडीए कार्यालय पहुंचकर योजना में प्लॉट खरीदने की जानकारी ले रहे हैं।
