मेरठ/गाजियाबाद (शिखर समाचार)। आयुक्त सभागार में आयुक्त मेरठ मंडल भानु चन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में कर-करेत्तर, राजस्व वाद, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं परियोजनाओं तथा सीएमआईएस के माध्यम से परियोजनाओं की मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
योजनाओं की प्रगति और रैंकिंग सुधार पर जोर
बैठक में आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं की प्रगति औसत से बेहतर रखी जाए और प्रत्येक योजना की रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित किया जाए। जहां कहीं प्रक्रियागत त्रुटियां या प्रगति में कमी दिखाई दे रही है, उन्हें तत्काल चिन्हित कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि डैशबोर्ड पर प्रदर्शित सभी योजनाएं शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं, इसलिए किसी भी योजना की प्रगति कमजोर न होने पाए।
स्वास्थ्य एवं पोषण अभियान, पीएम सूर्य घर योजना, जननी सुरक्षा योजना, छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति, पोषण अभियान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना तथा विभिन्न पेंशन योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कल्याणकारी योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति के निर्देश
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लू से बचाव के मद्देनजर सभी गौशालाओं में आवश्यक व्यवस्थाएं करने, चरागाह भूमि पर चारे की बुआई कराने तथा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उपयोग में लाने को कहा गया। बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा में आरटीई के तहत नामांकन बढ़ाने और लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यालयों की बसों का फिटनेस सत्यापन और फैमिली आईडी योजना में प्रगति लाने पर जोर दिया गया।
कर एवं करेत्तर राजस्व की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने राजस्व संग्रहण मजबूत करने के लिए विभागों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। लंबित राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण पर बल देते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
राजस्व, शिक्षा और विकास परियोजनाओं की समीक्षा
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एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और समयसीमा की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि सभी परियोजनाएं तय समय में पूरी हों और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। लाभार्थीपरक योजनाओं में पारदर्शिता रखते हुए पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मंडल के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ सहित सभी जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त (मेरठ/गाजियाबाद), अपर आयुक्त, संयुक्त विकास आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
