मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)। रिश्तों की आड़ में ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें सोशल मीडिया के जरिए पहले बहन बनाकर भरोसा जीता गया और फिर खुद को सीबीआई व कस्टम अधिकारी बताकर करीब 5 लाख रुपये ठग लिए गए। थाना शाहपुर पुलिस ने इस सनसनीखेज साइबर ठगी का पर्दाफाश करते हुए एक युवती और एक युवक को गिरफ्तार किया है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया।
सोशल मीडिया पर रिश्ते बनाकर शुरू हुई ठगी
एसएसपी ने बताया कि 4 अप्रैल को थाना क्षेत्र निवासी इकरा ने शाहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसके अनुसार, मौज ऐप के माध्यम से उसकी पहचान हिदायतुल्लाह खान नामक व्यक्ति से हुई। बातचीत के दौरान आरोपी ने पहले भाई-बहन का रिश्ता बनाकर विश्वास जीता, फिर फर्जी सीबीआई और कस्टम अधिकारी बनकर कॉल करने लगे।
फर्जी दस्तावेज दिखाकर डराया, लाखों की ठगी
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आरोपियों ने गिफ्ट भेजने के बहाने पीड़िता का पता हासिल किया और बाद में फर्जी आईडी कार्ड व सर्च वारंट भेजकर उसे किसी बड़े मामले में फंसने का डर दिखाया। भय का माहौल बनाकर अलग-अलग खातों में करीब 5 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
दो आरोपी गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज और नकदी बरामद
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रविवार को शाहपुर पुलिस ने हजूरनगर मार्ग से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोजी निवासी निजामुद्दीन, दिल्ली और मंसूर अहमद निवासी बिजनौर के रूप में हुई है, जो वर्तमान में दक्षिणी दिल्ली में रह रहे थे।
साइबर गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी
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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 डेबिट कार्ड, 3 मोबाइल फोन, फर्जी सीबीआई आईडी कार्ड, फर्जी सर्च वारंट की कॉपी, बैंक पासबुक, चेकबुक और 2,00,760 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों के नेटवर्क की जांच जारी है और इनके फॉरवर्ड व बैकवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं, जिससे बड़े साइबर गिरोह के खुलासे की संभावना है।
