शामली (शिखर समाचार)।
वित्त अधिनियम 2025 के विरोध में पेंशनर्स ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और इसे काला दिवस के रूप में मनाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान पेंशनर्स ने अधिनियम की कई धाराओं को भेदभावपूर्ण और जनविरोधी बताते हुए उन्हें तत्काल निरस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए इस अधिनियम से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे उनमें गहरी नाराजगी व्याप्त है।
8वें वेतन आयोग में अनदेखी का रोष
पेंशनर्स ने अपने संबोधन में 8वें वेतन आयोग में उनके हितों की अनदेखी किए जाने पर भी कड़ा रोष व्यक्त किया। उनका कहना था कि वर्षों तक सेवा देने के बाद भी उन्हें अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करने की मांग की और कहा कि यह योजना कर्मचारियों के बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा का आधार है, जिसे समाप्त करना अन्यायपूर्ण है।
आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी
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प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप देने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
पेंशनर्स की सक्रिय भागीदारी
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इस दौरान किरणपाल सिंह, शिवराज सिंह, महेश चंद शर्मा, आरपी शुक्ला, विनोद कुमार अत्री सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों को दोहराया।
