आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार) | गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मधुबन बापूधाम योजना को लेकर एक बड़ी बाधा पार कर ली है। लगभग दो दशकों से लंबित किसानों के भूखंडों के आवंटन और निस्तारण की प्रक्रिया को प्राधिकरण ने सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। अब उन किसानों के लिए राहत की खबर है जो वर्षों से अपनी जमीन पर कब्जे और विकास कार्य का इंतजार कर रहे थे।
दो महीने में शुरू होगा विकास कार्यों का ‘मेगा प्लान’
प्राधिकरण के अनुसार मधुबन बापूधाम योजना के अंतर्गत जिन किसानों को भूखंड आवंटित किए गए हैं, वहां अब आंतरिक विकास कार्यों को गति दी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि अगले 02 माह के भीतर निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। टेंडर फाइनल होते ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
क्या क्या सुविधाएं मिलेंगी?
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प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि किसानों को केवल खाली जमीन नहीं, बल्कि पूरी तरह से बुनियादी सुविधाओं से लैस क्षेत्र दिया जाएगा। इसके तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:
सड़कों का जाल: क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के लिए चौड़ी सड़कों का निर्माण।
जलापूर्ति एवं सीवरेज: अत्याधुनिक वाटर सप्लाई नेटवर्क और ड्रेनेज सिस्टम का विकास।
विद्युत आपूर्ति: बिजली के खंभे और सब-स्टेशन का सुदृढ़ीकरण।
बुनियादी ढांचा: क्षेत्र को व्यवस्थित और रहने योग्य बनाने के लिए अन्य आवश्यक जनसुविधाएं।
प्राथमिकता पर था लंबित मामला
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बता दें कि मधुबन बापूधाम योजना गाजियाबाद की सबसे महत्वपूर्ण आवासीय योजनाओं में से एक है, लेकिन किसानों के भूखंडों का विवाद पिछले 20 वर्षों से अधर में लटका था। वर्तमान प्रशासन ने इसे अपनी प्राथमिकता में रखते हुए समयबद्ध तरीके से निस्तारण की कार्यवाही पूरी की है। प्राधिकरण का कहना है कि इस कदम से न केवल किसानों को उनका हक मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकेगा।
हम क्षेत्र के समग्र विकास और नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं देने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं। किसानों के भूखंडों का निस्तारण एक बड़ी उपलब्धि है और अब हमारा पूरा ध्यान विकास कार्यों को समय पर पूरा करने पर है।
