गाजियाबाद के विकास को लगेंगे पंख : 45 मीटर चौड़ी आउटर रिंग रोड का रास्ता साफ, भूमि खरीद को मिली प्रशासनिक व वित्तीय मंजूरी

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
Wings to Ghaziabad’s development: 45-meter-wide Outer Ring Road cleared, administrative and financial approval granted for land acquisition IMAGE CREDIT TO प्राधिकरण प्रोफाइल फोटो

आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)|

शहर की यातायात व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने और जाम के झाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एक बड़ी छलांग लगाई है। प्रस्तावित 45 मीटर चौड़ी आउटर रिंग रोड (जोनल प्लान रोड) के निर्माण के लिए बहुप्रतीक्षित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति आज प्रदान कर दी गई। इस मंजूरी के साथ ही अब जमीन अधिग्रहण और बैनामे की प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे परियोजना के धरातल पर उतरने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

5.8 किलोमीटर लंबा होगा विकास का कॉरिडोर

ALSO READ:https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/ghaziabad/loni/news/ghaziabad-minor-student-rape-accused-arrested-ajmer-trip-137391861.html

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, यह आउटर रिंग रोड लगभग 5.8 किलोमीटर लंबी होगी। यह सड़क न केवल वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाएगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में नियोजित शहरी विकास को भी नई गति प्रदान करेगी। यह मार्ग मुख्य रूप से राजस्व ग्राम मोरटी, अटौर, आंबापुर, मोरटा और शाहपुर निजमोरटा की भूमि से होकर गुजरेगा।

आपसी सहमति से खरीदी जाएगी 3.95 हेक्टेयर जमीन

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/in-the-cough-syrup-case-ghaziabad-police/

परियोजना के लिए भूमि जुटाने की रणनीति को लेकर प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि मोरटी और आंबापुर की जमीन का अर्जन पहले ही किया जा चुका है। शेष तीन गांवों अटौर, मोरटा और शाहपुर निजमोरटा की जमीन भू-स्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जा रही है। कुल 3.9582 हेक्टेयर (39,582 वर्गमीटर) भूमि का विवरण इस प्रकार है:

शाहपुर निजमोरटा: 1.9889 हेक्टेयर (19,889 वर्गमीटर)
ग्राम अटौर: 1.3843 हेक्टेयर (13,843 वर्गमीटर)
ग्राम मोरटा: 0.5850 हेक्टेयर (5,850 वर्गमीटर

अगले हफ्ते से शुरू होंगे बैनामे

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/maruti-van-caught-fire-due-to-short-circuit/

सड़क के निर्धारित एलाइनमेंट (संरेखण) में आने वाले किसानों और भू-स्वामियों ने अपनी सहमति पहले ही दे दी है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद अब आधिकारिक तौर पर विक्रय विलेख (बिक्री विलेख ) निष्पादित करने की कार्यवाही गति पकड़ रही है। प्राधिकरण की योजना है कि आगामी सप्ताह के शुरुआती दिनों में ही बैनामे कराने का काम शुरू कर दिया जाए।

अधिकारियों का मत है कि प्रशासनिक और वित्तीय बाधाएं दूर होने के बाद अब हमारा पूरा ध्यान समयबद्ध तरीके से जमीन के बैनामे कराने पर है। इस सड़क के बनने से गाजियाबाद के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और औद्योगिक व आवासीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

Share This Article
Leave a comment