नगीना/बिजनौर (शिखर समाचार) नगर में रामलीला मैदान स्थित सरस्वती शिशु मंदिर एवं सरस्वती शिशु अंतर महाविद्यालय परिसर में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। वक्ताओं ने समाज को आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर संगठित रहने, परिवार और बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने तथा सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
श्रद्धा और उत्साह की लहर: नगर में निकली भव्य कलश यात्रा
सम्मेलन से पहले नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सैकड़ों महिलाएं बड़ा मंदिर मुक्तेश्वरनाथ परिसर में एकत्र हुईं और वहां से कलश लेकर शोभायात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों और बाजारों से होती हुई सम्मेलन स्थल पर पहुंची। पूरे मार्ग में धार्मिक उद्घोष और सांस्कृतिक गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मुख्य अतिथि साध्वी प्राची ने अपने संबोधन में कहा कि समाज को जागरूक और संगठित रहने की आवश्यकता है। उन्होंने परिवार व्यवस्था, जनसंख्या संतुलन, मातृशक्ति की भूमिका और बेटियों को सजग व संस्कारित बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रारंभ से ही नैतिक शिक्षा, परंपराओं की जानकारी और धार्मिक संस्कार दिए जाने चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ना ही राष्ट्र निर्माण की कुंजी
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मुख्य वक्ता सेवादास सह प्रांत कार्यवाह ने कहा कि बदलती जीवन शैली के कारण नई पीढ़ी अपनी परंपराओं और संस्कृति से दूर होती जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि घर और शिक्षण संस्थानों में भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा दी जानी चाहिए, जिससे बच्चों में राष्ट्रभाव, अनुशासन और कर्तव्यबोध विकसित हो।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत भगवा पगड़ी, शाल और भारत माता के चित्र भेंट कर किया गया। आयोजन की व्यवस्था और संचालन में संजय वर्मा, अनमोल कंसल, अनिल कुमार शर्मा, नरेश कुमार, राजकुमार बिश्नोई और सुनील बिश्नोई सहित अनेक कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। सम्मेलन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
