ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर की गई चार्जशीट पर न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने से इनकार किए जाने के बाद स्पष्ट हो गया है कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को फर्जी मामलों में फंसाकर बदनाम करने की साजिश रच रही थी। न्यायालय के इस निर्णय ने मोदी सरकार की दुर्भावनापूर्ण राजनीति और विपक्ष को डराने-धमकाने की नीति की पोल खोल दी है।
जिला कांग्रेस का आक्रोश: भाजपा कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन, लोकतंत्र और ईडी-सीबीआई पर सवाल
इसी फैसले के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तिलपता चौक से जिला भाजपा कार्यालय की ओर कूच किया और मैन दादरी रोड पर भाजपा कार्यालय के बाहर जोरदार एवं आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर लोकतंत्र बचाओ, ईडी-सीबीआई का दुरुपयोग बंद करो, फर्जी मामलों से विपक्ष को दबाया नहीं जा सकता, सत्यमेव जयते, सत्य पराजित हो सकता है परेशान नहीं जैसे नारे लगाए और मोदी सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति पर प्रहार किया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया और इस दौरान दोनों तरफ का यातायात बाधित रहा।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से उपस्थित कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रदीप नरवाल ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला शुरू से ही राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी देश की जनता की आवाज उठाते रहे हैं, इसी से घबराकर मोदी सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया। न्यायालय के निर्णय ने यह साबित कर दिया कि सच्चाई कांग्रेस के साथ है और झूठ व षड्यंत्र की राजनीति करने वालों को मुंह की खानी पड़ी।

जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि मोदी सरकार लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार कर विपक्ष को डराने का काम कर रही है, लेकिन कांग्रेस ऐसे हथकंडों से न तो डरेगी और न ही झुकेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग बंद नहीं किया गया तो कांग्रेस देशभर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए और भी व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा नेताओं ने सत्ता में रहते हुए लोकतंत्र में उच्च मूल्य स्थापित किए, जबकि वर्तमान सरकार ने राजनीतिक वैमनस्यता में संसदीय परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाया है।
आज के प्रदर्शन में अजय चौधरी, मुकेश शर्मा, संदीप नागर, अशोक पंडित, राधा रानी, अजय पहलवान, नीरज लोहिया, गौतम अवाना, अरविन्द रेक्सवाल, कैलाश बंसल, मोहम्मद तकी, रमेश वाल्मीकि, हबीब, शिव चौटाला, नरेश शर्मा, अमित कुमार, सतीश शर्मा, पुनीत मावी, नितीश चौधरी, रमेश यादव, तनवीर अहमद, वसील अहमद, कपिल भाटी, रूबी चौहान, सचिन जीनवाल, विपिन त्यागी, दयानन्द नागर, गजन प्रधान, बिन्नू भाटी, रतनपाल, मोहित भाटी, सचिन भाटी, रूपेश भाटी, उपेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, सतीश खारी, ओमवीर नागर, गोल्डी कसाना, कपिल खारी, पंकज तँवर, मोनू यादव, अभिनय शर्मा, सौरभ तंवर, प्रवीण तँवर, के के भाटी, अमित भाटी, भूपेंद्र भाटी, दिनेश शर्मा सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
