जेवर/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि पर कुछ असमझदारी या स्वार्थ की वजह से किए जा रहे अवैध निर्माण ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। लेखपाल द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने सात नामजद व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। यह मामला मुआवजे का अधिक लाभ लेने की कोशिश और नियमों की अवहेलना का प्रतीक बन गया है।
अवैध निर्माण पर कड़ी कार्रवाई: एयरपोर्ट परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि पर रोक के बावजूद निर्माण जारी
लेखपाल निरंजन मिश्रा ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि एयरपोर्ट निर्माण हेतु कुल चौदह गांवों की भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। अधिग्रहण के बाद उक्त भूमि पर किसी भी व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य करना पूर्णतः निषिद्ध है। इसके बावजूद कुछ लोग लाभ की लालच में अवैध निर्माण करा रहे थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि पियूष शर्मा, कुसुम देवी, श्री वंशी, राजवीर, राज खां, साजिद (गांव किशोरपुर) और मुकेश ने मिलकर गांव मुकीमपुर सिवारा में नियमों की अनदेखी करते हुए भवन निर्माण शुरू किया। लेखपाल ने बताया कि कई बार समझाने और रोकने के प्रयास असफल रहे, तब उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
अवैध निर्माण पर प्रशासन का कड़ा रुख: दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया गया है। आरोपियों की पहचान और उनके द्वारा किए गए निर्माण कार्य की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अधिग्रहित भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने यह संदेश भी दे दिया है कि एयरपोर्ट परियोजना जैसी राष्ट्रीय महत्व की योजना में अवैध कार्य को कतई सहन नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रशासन हमेशा सख्त रहेगा।
