हमीरपुर (शिखर समाचार) जनपद की जीवनधारा मानी जाने वाली चंद्रावल नदी के पुनर्जीवन की दिशा में बहुप्रतीक्षित कदम उठाते हुए बुधवार को राज्य जल शक्ति मंत्री रामकेश निषाद ने विधि-विधान से भूमि पूजन कर पुनरोद्धार कार्य का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, जनसामान्य और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर क्षेत्र में वर्षों से सूखी और उपेक्षित पड़ी नदी को फिर से प्रवाहमान देखने की उम्मीद साफ झलक रही थी।
मिशन जलोदय: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण की ऐतिहासिक पहल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने मिशन जलोदय की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर प्रदेश में प्रत्येक जनपद में एक प्रमुख नदी के पुनरोद्धार का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में हमीरपुर जनपद में चंद्रावल नदी को चुना गया। उन्होंने कहा कि मिशन जलोदय की शुरुआत एक वर्ष पूर्व की गई थी, जिसके अंतर्गत तालाबों, अमृत सरोवरों और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन का व्यापक अभियान चलाया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि बीते एक वर्ष में जनपद में पांच हजार से अधिक खेत तालाबों का निर्माण कराया गया, जिससे भूगर्भ जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। नवीन भूवैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार जल स्तर में आई वृद्धि के कारण जनपद के चार विकास खंड गंभीर श्रेणी से बाहर आ गए हैं। इसका सीधा लाभ कृषि क्षेत्र को मिला है और कई फसलों के उत्पादन में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे किसानों की आय में भी सुधार हुआ है।
चंद्रावल नदी का पुनरोद्धार: सांस्कृतिक धरोहर को बचाने का सरकार का ऐतिहासिक संकल्प
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कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्य जल शक्ति मंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि चंद्रावल नदी का पुनरोद्धार केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि जनपद की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को बचाने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि यह ऐतिहासिक नदी लगभग अड़सठ किलोमीटर की दूरी तय करते हुए क्षेत्र को जीवन देती रही है। सरकार का उद्देश्य है कि ऐसी सभी पौराणिक और ऐतिहासिक नदियों को उनके मूल स्वरूप में लौटाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनसे लाभान्वित हो सकें।
मंत्री ने कहा कि यह अभियान जनसहभागिता से ही सफल हो सकता है। नदियों और तालाबों का हमारे समाज में सदियों से विशेष महत्व रहा है। बुंदेलखंड क्षेत्र में अनेक ऐसे स्थल हैं जो नदियों के किनारे बसे होने के कारण ऐतिहासिक घटनाओं के साक्षी रहे हैं। इन स्थलों को पर्यटन से जोड़कर क्षेत्रीय विकास को नई दिशा दी जा सकती है। कभी आस्था का केंद्र रही चंद्रावल नदी आज अस्तित्व के संकट से जूझ रही थी, ऐसे में उसका पुनरोद्धार अत्यंत आवश्यक हो गया था।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष जयन्ती राजपूत, सदर विधायक मनोज कुमार प्रजापति, भारतीय जनता पार्टी की जिलाध्यक्ष शकुन्तला निषाद, मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह, मनरेगा के जिला समन्वयक राघवेन्द्र सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी, उद्यमी, खनन पट्टाधारक, ग्राम प्रधान, पत्रकार, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में चंद्रावल नदी को फिर से जीवंत बनाने के लिए सहयोग का संकल्प लिया।
