मुरादनगर (शिखर समाचार)। बसंतपुर सेंतली स्थित दिल्ली मेरठ मार्ग पर बने श्री तरूणसागरम् तीर्थ में सोमवार का दिन इतिहास में दर्ज होने वाला बन गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान पार्श्वनाथ के जन्म कल्याणक अवसर पर 100 दिनों में पूर्ण हुई नई गुफा मंदिर का लोकार्पण कर आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक ज्योतिर्मय कर दिया। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। आयोजन मंडल और प्रसन्न सागर महाराज ने कमंडल, माला, चित्र भेंट कर व पगड़ी पहनाकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इस दौरान दो महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पुस्तकों का प्रकाशन भी संपन्न हुआ।
जैन संतों की प्रेरणा: संयम, करुणा और सेवा के संदेश पर बोला मुख्यमंत्री का उद्बोधन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैन धर्म की पवित्र वाणी का स्मरण करते हुए कहा कि भगवान पार्श्वनाथ और संत तरुण सागर महाराज की स्मृतियां समाज को संयम, करुणा और निष्काम सेवा की राह दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि जैन समाज का त्याग, तप और अनुशासन भारतीय संस्कृति की जड़ों को और मजबूत करता है। उन्होंने उपस्थित संतों, पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सभी गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन ऋषि मुनि परंपरा आज भी समाज को नई दिशा देने में सक्षम है। अयोध्या में प्रभु राम के भव्य मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है और हाल ही में वहां ऐतिहासिक भगवा ध्वजारोहण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि प्रथम जैन तीर्थंकर ऋषभदेव को भारत की जनता अत्यंत श्रद्धा से नमन करती है। काशी जैसी पावन भूमि ने चार जैन तीर्थंकरों के अवतरण का साक्षी बनकर दुनिया को अपनी दिव्यता का परिचय दिया है।
नवकार संकल्पों का संकल्पित मार्ग: जैन समाज को प्रधानमंत्री के नौ संकल्पों का प्रेरक सहयोग
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मुख्यमंत्री ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत नौ संकल्प पानी बचाओ, मां के नाम एक पेड़, स्वच्छता मिशन, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा, भारत भ्रमण को प्रोत्साहन, प्राकृतिक खेती, स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली, योग खेल को अपनाना तथा गरीबों के हित में कार्य का उल्लेख करते हुए कहा कि जैन समाज इन संकल्पों के क्रियान्वयन में मुख्य भूमिका निभा रहा है और समाज को प्रेरित कर रहा है।
उन्होंने प्रसन्ना सागर महाराज और उपाध्याय मुनि पीयूष महाराज की तप साधना का उदाहरण देते हुए कहा कि संकल्प शक्ति व्यक्ति को अपने भीतर स्थित अद्भुत ब्रह्मांड को देखने की सामर्थ्य देती है। उन्होंने इसे मानव जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताया।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर प्रांगण में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और तीर्थ परिसर में हरियाली को बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।
इस गरिमामय अवसर पर महापौर नगर निगम गाजियाबाद, क्षेत्रीय विधायक, भाजपा महानगर अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, संत, साधु साध्वी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
