रबूपुरा/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। गांव नगला हुकुम सिंह में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा उस समय हो गया, जब निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान का लेंटर शटरिंग खोलते ही अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में पूरा स्ट्रक्चर नीचे आ गया, जिससे 16 से अधिक मजदूर और मिस्त्री मलबे में दब गए। अचानक हुए इस हादसे से पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और जिला प्रशासन में हड़कंप फैल गया।
रेस्क्यू में जुटी फोर्स, 11 बचे लेकिन 25 वर्षीय जीशान की मौत ने जताई चिंता
सूचना मिलते ही जेवर एसडीएम अभय सिंह, एडीसीपी सुधीर कुमार, एसीपी सार्थक सेंगर कई थानों की पुलिस फोर्स, फायर ब्रिगेड तथा डॉक्टरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। प्रारंभिक प्रयासों में 11 लोगों को मलबे से बाहर निकालकर घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से मध्यप्रदेश के 5 मजदूर प्राथमिक उपचार के बाद अपने घर लौट गए। वहीं जेवर निवासी 25 वर्षीय जीशान की मलबे में दबकर मौत हो गई।
घटना के करीब तीन घंटे बाद NDRF की टीम भी मौके पर पहुंच गई और भारी मशीनरी जेसीबी, हिल्टी, कटर आदि की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व अपने हाथ में लिया। देर शाम तक अभियान जारी रहा। प्रशासन का कहना है कि अभी भी 5 से अधिक लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका बरकरार है।
निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरा, 11 मजदूर घायल और एक की मौत
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हादसे में जिस मकान का लेंटर गिरा, वह गांव नगला हुकुम सिंह निवासी महावीर सिंह द्वारा अपनी जमीन पर निर्माणाधीन था। बताया गया कि करीब 350 मीटर क्षेत्र में वह मकान का निर्माण करवा रहा था। बुधवार सुबह लगभग 11 बजे तीसरी मंजिल के लेंटर की शटरिंग को मजदूर निकाल रहे थे, तभी अचानक पूरी संरचना धराशायी हो गई। घायल फरदीन, दानिश, शकील, कामिल, नदीम सहित 11 मजदूरों को ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से निकाला गया।
ज्यादा मुआवजा लेने की लालच में घटिया सामग्री का प्रयोग
विस्थापन की जल्दबाजी और घटिया निर्माण ने किया बड़ा हादसा उजागर
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स्थानीय लोगों के अनुसार जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण में गांव नगला हुकुम सिंह का विस्थापन होना है। इस वजह से कई लोग अधिक मुआवजा प्राप्त करने के लिए जल्दबाजी और नियमों की अनदेखी करते हुए बड़े एरिया को कवर कर कच्चे और घटिया निर्माण करा रहे हैं। आरोप है कि इसी मकान में भी नियमों का पालन नहीं किया गया तथा लेंटर एवं अन्य हिस्सों में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया था।
केस दर्ज होने के बावजूद जारी था निर्माण कार्य
अवैध निर्माण जारी रहा, मजदूर की जान बन गई भारी कीमत
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एयरपोर्ट अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक है, बावजूद इसके महावीर सिंह व अन्य लोग यहां अवैध रूप से मकान बनवा रहे थे। मामले की जांच के बाद 23 अक्टूबर को हल्का लेखपाल पवन दुबे ने महावीर, उसकी पत्नी राजबाला, बेटे गौरव सहित 90 से अधिक लोगों के खिलाफ रबूपुरा कोतवाली में एयरपोर्ट की भूमि पर अवैध निर्माण सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बावजूद भी यह तीन मंजिला निर्माण बिना किसी रोकटोक के जारी रहा, जिसकी कीमत एक मजदूर को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
प्रशासन ने कहा है कि रेस्क्यू पूर्ण होने के बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

