ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तर की जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने के उद्देश्य से बुधवार को गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के सभागार में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग मनीष गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में प्रदेश के 21 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी और प्रथम स्तर की जांच के पर्यवेक्षकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला का उद्घाटन वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश नवदीप रिणवा, भारत निर्वाचन आयोग के सचिव मधुसूदन गुप्ता, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी अखंड प्रताप सिंह, अवर सचिव राकेश कुमार और उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी अमित सिंह ने किया। अधिकारियों ने ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तर की जांच से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
ईवीएम-वीवीपैट के संचालन और सुरक्षा प्रोटोकॉल समझाए
विशेषज्ञों ने ईवीएम और वीवीपैट के संपूर्ण जीवन चक्र, मशीनों के संचालन, यादृच्छिकीकरण, अभ्यर्थियों के लिए मशीन तैयार करने, मतदान, मतगणना और मतगणना के बाद की प्रक्रियाओं से संबंधित प्रोटोकॉल समझाए। ईसीआईएल विशेषज्ञ पी.सी. मंडल ने मशीनों की तकनीकी संरचना और सुरक्षा विशेषताओं की जानकारी दी, जबकि भारत निर्वाचन आयोग के ईवीएम प्रभाग के सचिव मधुसूदन गुप्ता ने प्रथम स्तर की जांच के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों और सावधानियों के बारे में बताया।
विशेषज्ञ इंजीनियरों ने कराया मशीनों का व्यावहारिक अभ्यास
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कार्यशाला में पर्याप्त संख्या में ईवीएम और वीवीपैट उपलब्ध कराकर विशेषज्ञ इंजीनियरों ने व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिभागियों को मशीनों के संचालन और जांच प्रक्रिया का स्वयं अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया और प्रश्नों का समाधान किया गया।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रक्रिया में निर्धारित प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।
