रबूपुरा (शिखर समाचार)। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की निर्माणाधीन फिल्म सिटी के पास गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई जब सेक्टर 21 के निकट मांट रजवाहे में गौवंश के अवशेष मिलने की सूचना सामने आई। इसके अलावा फिल्म सिटी परिसर में स्थित एक पुराने कुएं से भी कथित रूप से प्लास्टिक के कट्टों में भरा मांस बरामद होने की बात कही गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस ने किया नियंत्रण
सूचना पर जेवर के सहायक पुलिस आयुक्त सार्थक सेंगर कई थानों की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद किसी तरह स्थिति को शांत कराया गया।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब 21 फरवरी को सेक्टर 28 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसमें सेमीकंडक्टर इकाई की आधारशिला रखी जानी है। कार्यक्रम स्थल से कुछ ही दूरी पर गौवंश के अवशेष मिलने की खबर से पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
रजवाहे में मिले अवशेष
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गुरुवार सुबह मांट रजवाहे से गुजर रहे ग्रामीणों ने गांव भाईपुर के पुल के नीचे प्लास्टिक के कट्टों में भरे गौवंश के सिर और खाल सहित अवशेष देखे। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग छह गौवंश के अवशेष वहां पड़े थे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से मांस तस्करी की गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही।
पुराने कुएं से बरामदगी
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हंगामे के दौरान कुछ ग्रामीणों ने फिल्म सिटी परिसर में स्थित एक पुराने कुएं की ओर इशारा करते हुए बताया कि वहां भी कट्टों में मांस फेंका गया है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भारी मशीन की सहायता से कुएं से प्लास्टिक के कई कट्टे बाहर निकलवाए। कट्टों से तीव्र दुर्गंध आ रही थी, जिससे ग्रामीणों ने आशंका जताई कि उनमें भी गौवंश के अवशेष हो सकते हैं। पुलिस ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर जांच प्रारंभ कर दी है। मांस के नमूने परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अवशेष किस पशु के हैं और घटना की प्रकृति क्या है।
ग्रामीणों और संगठन की प्रतिक्रिया
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ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस पर मांस तस्करों को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप लगाए। गांव भाईपुर निवासी मनोज ने बताया कि जिस खेत में स्थित कुएं से कट्टे बरामद हुए हैं, वह पहले उनका खेत था, जिसे फिल्म सिटी परियोजना के लिए अधिग्रहित किया जा चुका है। मनोज का आरोप है कि उन्होंने करीब दस दिन पहले ही कुएं में संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मामले को लेकर विश्व हिंदू महासभा (गौरक्षा प्रकोष्ठ) गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष गौरव कौशिक ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। संगठन ने कहा कि क्षेत्र में गौवंश के अवशेष मिलना न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती है।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा प्रबंध
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कोतवाली प्रभारी श्याम बाबू शुक्ल ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बरामद मांस और अन्य सामग्री को जांच के लिए भेजा गया है। परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले इस प्रकार की घटना सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फिल्म सिटी और औद्योगिक परियोजनाओं के चलते क्षेत्र की संवेदनशीलता बढ़ गई है, ऐसे में पुलिस को गश्त और निगरानी बढ़ानी चाहिए थी। फिलहाल पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और आसपास के इलाकों में निगरानी तेज कर दी गई। प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
