नई दिल्ली/हापुड़ (शिखर समाचार)
आल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ फायर वर्क्स के महामंत्री अतुल चोकड़ायत के नेतृत्व में पटाखा उद्योग के व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात कर पटाखों के पक्ष में कानूनी मदद की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आठ अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में पटाखों की बिक्री को लेकर सुनवाई होने वाली है, और इसे लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
पटाखा उद्योग की सुरक्षा की मांग: सीएम से प्रतिनिधिमंडल की अपील, वरिष्ठ अधिवक्ताओं की नियुक्ति की सिफारिश
प्रतिनिधिमंडल ने सीएम से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट में पटाखा उद्योग के हितों की रक्षा के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं को नियुक्त किया जाए, ताकि व्यवसायियों के रोजगार और उद्योग को सुरक्षित रखा जा सके। कानून और न्याय मंत्री कपिल मिश्रा तथा पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिरसा से भी प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर मामले की गंभीरता को समझाने की कोशिश की।
अतुल चोकड़ायत ने बताया कि पटाखा उद्योग लाखों लोगों को सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार देता है, इसलिए इस मामले में प्रभावी पैरवी बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनके सुझावों और अनुरोधों को गंभीरता से लिया जाएगा और उद्योग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पटाखा उद्योग पर पाबंदियों का असर: प्रतिनिधिमंडल ने व्यापारियों और कामगारों की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की अपील की
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प्रतिनिधिमंडल ने आगे कहा कि पटाखों की बिक्री और संचालन पर लगी पाबंदियों का असर न केवल व्यापारियों पर बल्कि पूरे उद्योग से जुड़े कामगारों पर भी पड़ेगा। अतुल चोकड़ायत ने यह भी जोर दिया कि सुप्रीम कोर्ट में पेश होने वाली पैरवी व्यापारियों के हितों और रोजगार सुरक्षा के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आश्वस्त किया कि वे इस मामले में पूर्ण सहयोग देंगे और उम्मीद जताई कि पटाखा उद्योग को न्यायसंगत और संतुलित तरीके से देखने का मार्ग तैयार किया जाएगा।
