गाजियाबाद (शिखर समाचार) आईएमएस गाजियाबाद (विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम परिसर) में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से दो दिवसीय सातवां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 18 और 19 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का मुख्य विषय तकनीक प्रेरित नवाचार और सतत व्यावसायिक व्यवहार निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन आईएमएस समूह के महासचिव सीए डॉ राकेश छारिया की अध्यक्षता तथा संस्थान की निदेशक प्रो. डॉ जसकिरण कौर के मार्गदर्शन में संपन्न होगा।
तकनीक और नवाचार: युवा शोधार्थियों के लिए जिम्मेदार और टिकाऊ भविष्य का मंच
निदेशक प्रो. डॉ जसकिरण कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में तकनीक और नवाचार केवल प्रगति के साधन नहीं हैं, बल्कि जिम्मेदार और टिकाऊ भविष्य की मजबूत नींव भी हैं। यह सम्मेलन शिक्षकों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा, जहां शोध, अनुभव और विचारों का व्यापक आदान प्रदान होगा। इससे युवा शोधार्थियों को नवाचार, नैतिक नेतृत्व और दीर्घकालिक विकास की दिशा में काम करने की प्रेरणा मिलेगी।
सम्मेलन में देश विदेश से अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविद और उद्योग विशेषज्ञों की भागीदारी प्रस्तावित है। इनमें वियतनाम, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, साइप्रस सहित कई देशों के शिक्षाविद शामिल रहेंगे। विभिन्न विश्वविद्यालयों और औद्योगिक संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ तकनीक, प्रबंधन, नवाचार और डिजिटल क्षेत्र के नए आयामों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, जिससे कार्यक्रम का शैक्षणिक और व्यावहारिक स्तर और अधिक समृद्ध होगा।
देश-विदेश से शोधकर्ताओं की बढ़ती भागीदारी, 300 से अधिक शोध पत्र जमा
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आयोजन समिति के अनुसार सम्मेलन में प्रबंधन, पत्रकारिता, संगणक विज्ञान, उद्यमिता, नवाचार और विज्ञान विषयों से जुड़े शोध पत्र आमंत्रित किए गए हैं। अब तक देश और विदेश से 300 से अधिक शिक्षक और शोधार्थी अपने शोध पत्र भेजकर पंजीकरण करा चुके हैं।
सम्मेलन को पांच प्रमुख धाराओं में विभाजित किया गया है। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आंकड़ा आधारित निर्णय प्रक्रिया, डिजिटल रूपांतरण और नवाचार प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार तकनीकी नेतृत्व, सतत व्यापार और सामाजिक प्रभाव, तथा बहुविषयक दृष्टिकोण प्रमुख रहेंगे। प्रत्येक धारा में शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनका मूल्यांकन बाह्य और आंतरिक सत्र अध्यक्षों द्वारा किया जाएगा। दूसरे दिन समापन समारोह के साथ उत्कृष्ट शोध कार्यों को विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा।
