ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के सभागार में सोमवार को महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश राकेश कुमार ने की। उन्होंने विभिन्न विभागों में लंबित आरटीआई प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जन सूचना अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
आरटीआई में पारदर्शिता अनिवार्य: राज्य सूचना आयुक्त ने कड़ी चेतावनी दी
राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि आरटीआई अधिनियम पारदर्शिता और जवाबदेही की रीढ़ है, इसलिए इसके प्रावधानों का अक्षरशः पालन अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगी गई सूचना में अनावश्यक विलंब या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेषकर निर्धन एवं पीड़ित वर्ग से जुड़े प्रकरणों को प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाए, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन की प्राप्ति तिथि, विषय और प्रगति स्थिति आदि सभी विवरण सुव्यवस्थित पंजिका में दर्ज किए जाएं। यदि कोई आवेदन किसी अन्य विभाग से संबंधित हो, तो उसे पांच दिनों के भीतर संबंधित विभाग को स्थानांतरित कर दिया जाए और आवेदक को भी इसकी सूचना दे दी जाए।
बैठक में पुलिस, राजस्व, शिक्षा, आबकारी, सिंचाई, समाज कल्याण, नगर विकास, ग्राम्य विकास, परिवहन, विद्युत, कृषि, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, नगर निकायों सहित कई विभागों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। राज्य सूचना आयुक्त ने स्पष्ट किया कि समयसीमा से अधिक लंबित रहने वाले प्रकरणों पर संबंधित जन सूचना अधिकारियों के विरुद्ध वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।बैठक में उपस्थित अधिकारियों को आरटीआई विशेषज्ञ द्वारा अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों और आवेदन निस्तारण की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रशिक्षण भी दिया गया।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सूचना आयुक्त द्वारा दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन विभागों में सख्ती से कराया जाएगा।
इस बैठक में डीसीपी रवि शंकर निम, डिप्टी कलेक्टर चारूल यादव, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, मुख्य कोषाधिकारी शिखा गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक राजीव कुमार, उपायुक्त उद्योग अनिल कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
