शताब्दी वर्ष में संघ का बड़ा आह्वान: पूर्वी किदवई नगर के हिंदू सम्मेलन में एकजुटता, पर्यावरण और सामाजिक समरसता पर जोर

Rashtriya Shikhar
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In its centenary year, the RSS (Rashtriya Swayamsevak Sangh) made a major call to action: at the Hindu Convention in Purvi Kidwai Nagar, emphasis was laid on unity, environmental responsibility, and social harmony. IMAGE CREDIT TO REPORTER

नई दिल्ली (शिखर समाचार)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूर्वी किदवई नगर में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों, धर्माचार्यों, वक्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। सम्मेलन में समाज की एकजुटता, जातिगत भेदभाव से मुक्ति, राष्ट्र निर्माण में सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

संघ के शताब्दी वर्ष पर लक्ष्य और उद्देश्य

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संघ के बौद्धिक प्रकल्प से जुड़े मिथिलेश ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में एक लाख हिंदू सम्मेलन आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य समाज में जाति और वर्ग के आधार पर बने भेद समाप्त करना और सभी लोगों को एकजुट कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है। सम्मेलन स्वयं हिंदू समाज द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं और समाज में आत्मविश्वास तथा एकता की भावना को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। मिथिलेश ने महिलाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज को संगठित रखने में उनका योगदान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू समाज हमेशा “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना पर चलता है और दूसरों की सहायता को अपना धर्म मानता है।

धर्मग्रंथों और जातिगत भेदभाव पर चर्चा

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आर्य समाज मंदिर के आचार्य विद्या प्रसाद मिश्र ने कहा कि आरक्षण और जाति-भेद हिंदू समाज की एकता में सबसे बड़ी बाधा हैं। उन्होंने बताया कि हिंदुओं का प्रमुख धार्मिक ग्रंथ वेद है और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए।

आचार्य मिश्र ने स्पष्ट किया कि वेदों में वर्ण व्यवस्था कर्म के आधार पर निर्धारित है, जातिगत भेदभाव का उल्लेख नहीं है। समय के साथ इसे गलत रूप में जाति व्यवस्था में परिवर्तित कर दिया गया, जिससे समाज में विभाजन और नुकसान हुआ। बनवासी कल्याण परिषद के दिल्ली प्रांत महासचिव अजीत शुक्ला ने समाज में “स्व” की भावना जागृत करने की अपील की। उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि एकजुटता और राष्ट्रीय चेतना किसी भी समाज को महान बना सकती है।

पर्यावरण संरक्षण पर जोर

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वरिष्ठ पत्रकार रोशन गौड़ ने पर्यावरण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मानव लालच ने जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्या खड़ी कर दी है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे वर्ष में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाएं, प्लास्टिक का उपयोग कम करें, पानी की बचत करें, वर्षा जल संचयन अपनाएं और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें।

सम्मेलन की सांस्कृतिक झलक और सहभागिता

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सम्मेलन में राष्ट्रीय जनजाति आयोग के सदस्य चकमा, संघ से जुड़े प्रभात कुमार, राजेंद्र खंडेलवाल, जय गोपाल समिति सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन यशवंत सिंह रावत, ज्योति आर्य और दीपक कुमार ने किया।

हिंदू सम्मेलन के अवसर पर पूर्वी किदवई नगर की देवी नगर कॉलोनी में सुबह भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसके बाद यज्ञ का आयोजन हुआ। इस्कॉन और गायत्री परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्थानीय लोगों की बड़ी भागीदारी ने सम्मेलन का माहौल उत्साहपूर्ण और सफल बना दिया।

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