26.75 लाख की लागत से बने राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय भवन का शुभारंभ

Rashtriya Shikhar
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The government homeopathic hospital building, constructed at a cost of ₹26.75 lakh, was inaugurated. IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

शामली (शिखर समाचार)

गुरुवार को बनत कस्बे में 26.75 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय के नवनिर्मित भवन का विधिवत शुभारंभ किया गया। सदर विधायक प्रसन्न चौधरी और जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान ने संयुक्त रूप से फीता काटकर तथा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच यज्ञ संपन्न कर दैनिक बाह्य रोगी सेवा की शुरुआत कराई। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने नए भवन के लोकार्पण का स्वागत किया और इसे क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

चिकित्सालय में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद

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जिलाधिकारी ने शुभारंभ के उपरांत चिकित्सालय परिसर का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि नए भवन के निर्माण से क्षेत्र के आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी तथा होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचेगा। शासन की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं सुलभ हों।

सदर विधायक प्रसन्न चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बनत क्षेत्र में लंबे समय से एक व्यवस्थित भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे अब पूरा कर लिया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चिकित्सालय में नियमित रूप से चिकित्सक एवं आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहेंगी, जिससे मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सुविधाजनक सेवा

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कार्यक्रम में जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. विधु शेखर मलिक सहित आयुष विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि नवीन भवन में नियमित बाह्य रोगी सेवा प्रारंभ होने से आसपास के गांवों के ग्रामीणों को उपचार के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा स्थानीय स्तर पर ही उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

समापन अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को जनसुलभ बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने चिकित्सालय प्रशासन को निर्देशित किया कि साफ-सफाई, दवा उपलब्धता और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह केंद्र क्षेत्र के लोगों के लिए भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधा के रूप में विकसित हो सके।

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