भारत निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की

Rashtriya Shikhar
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The Election Commission of India reviewed the preparations for the Tamil Nadu assembly elections. IMAGE CREDIT TO चुनाव आयोग

चेन्नई (शिखर समाचार)

आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने व्यापक तैयारियों का जायज़ा लिया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी के साथ चेन्नई में चुनावी प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कानून के अनुरूप संपन्न कराया जाएगा।

राजनीतिक दलों के साथ संवाद

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समीक्षा दौरे के दौरान आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनके सुझाव सुने। जिन दलों के प्रतिनिधियों से संवाद किया गया, उनमें आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), इंडियन नेशनल कांग्रेस, नेशनल पीपुल्स पार्टी, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, नाम तमिलर कच्ची तथा विदुथलाई चिरुथईगल काची शामिल रहे।

अधिकांश दलों ने मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण और शांतिपूर्ण प्रक्रिया के लिए आयोग की सराहना की। कई दलों ने धनबल के उपयोग और मुफ्त उपहार वितरण पर सख्ती से अंकुश लगाने, चुनाव आचार संहिता के प्रभावी पालन के लिए उड़न दस्तों की संख्या बढ़ाने, और चुनाव तिथियों में स्थानीय त्योहारों को ध्यान में रखने का सुझाव दिया।

प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठक

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राजनीतिक दलों से विचार विमर्श के बाद आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों, नोडल अधिकारियों, पुलिस महानिरीक्षकों, उप महानिरीक्षकों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर चुनाव योजना, ईवीएम प्रबंधन, रसद, चुनाव कर्मियों के प्रशिक्षण, जब्ती कार्रवाई, कानून व्यवस्था, मतदाता जागरूकता और जनसंपर्क कार्यक्रमों की समीक्षा की।

आयोग ने सभी प्रवर्तन एजेंसियों को निष्पक्षता के साथ कार्य करने और मतदाताओं को प्रभावित करने वाली किसी भी प्रलोभन गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को मतदान केंद्रों पर सुविधाओं, सुगम पहुंच और चुनाव कर्मियों के प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

शून्य सहिष्णुता नीति

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आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही, पक्षपात या नियमों से विचलन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति अपनाते हुए आयोग का जोर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए चुनावों को भयमुक्त, निष्पक्ष और पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराने पर रहा।

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