ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। उत्तर प्रदेश सरकार वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में राज्य को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के समीप एक विशाल अंतरराष्ट्रीय बाजार विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह बाजार चीन के प्रसिद्ध यीवू अंतरराष्ट्रीय व्यापार नगर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा और इसके पूरा होने पर यह देश का अपनी तरह का पहला और सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय थोक केंद्र होगा।
यमुना एक्सप्रेसवे पर विकसित होगा अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक हब, सेक्टर-28 से 31 में दो संभावित स्थल चुने गए
प्रस्तावित परियोजना के तहत ऐसा आधुनिक व्यापारिक परिसर विकसित किया जाएगा, जहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ पड़ोसी और अन्य देशों के उत्पाद भी एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। इससे न केवल घरेलू व्यापार को नई गति मिलेगी, बल्कि निर्यात को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का मानना है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।
प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए दो संभावित स्थानों को चिह्नित किया है। पहला विकल्प सेक्टर-28 और सेक्टर-29 का क्षेत्र है, जबकि दूसरा विकल्प सेक्टर-30ए, सेक्टर-30बी और सेक्टर-31 को शामिल करता है। ये सभी क्षेत्र यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित हैं और यहां वाणिज्यिक भूमि उपयोग की पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। बेहतर सड़क संपर्क, खुला भू-भाग और हवाई अड्डे की नजदीकी इन स्थानों को इस परियोजना के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है।
इस परियोजना की व्यवहारिकता परखने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी एक परामर्शी संस्था को सौंपी गई है। यह संस्था बाजार की आर्थिक उपयोगिता, निवेश की संभावनाएं, निर्माण लागत, राजस्व मॉडल और विकास ढांचे का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि इस अंतरराष्ट्रीय बाजार को सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित किया जाए या फिर इसे सीधे प्राधिकरण द्वारा बनाया जाए।
नोएडा में विकसित होगा आधुनिक अंतरराष्ट्रीय बाजार, एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे देश-विदेश के उत्पाद और लॉजिस्टिक सुविधा
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प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय बाजार की सबसे बड़ी विशेषता इसकी उत्कृष्ट संपर्क व्यवस्था और आधुनिक माल परिवहन सुविधाएं होंगी। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट होने के कारण यहां देश-विदेश से आने वाले व्यापारियों और खरीदारों को सड़क, रेल और हवाई मार्ग से सीधा संपर्क मिलेगा। इसके साथ ही इस क्षेत्र में आधुनिक भंडारण गृह, कंटेनर टर्मिनल और एक समर्पित लॉजिस्टिक केंद्र भी विकसित किया जाएगा, ताकि खरीदे गए सामान को बिना किसी अतिरिक्त झंझट के सीधे गंतव्य तक भेजा जा सके।
योजना के अनुसार, विदेशी और घरेलू खरीदार एक ही परिसर में विभिन्न प्रकार के उत्पादों की खरीद कर सकेंगे। उदाहरण के तौर पर यदि कोई खरीदार सहारनपुर के लकड़ी से बने फर्नीचर, लखनऊ की चिकनकारी कढ़ाई, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन या अन्य हस्तशिल्प एवं औद्योगिक उत्पाद लेना चाहता है, तो उसे अलग अलग शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। ये सभी वस्तुएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। खरीद के बाद एजेंटों की मदद से सामान को कंटेनरों में पैक कर सीधे निर्यात या देश के भीतर भेजा जा सकेगा।
प्राधिकरण का कहना है कि यह व्यवस्था चीन के यीवू अंतरराष्ट्रीय व्यापार नगर की तरह होगी, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा थोक बाजार माना जाता है। चीन के झेजियांग प्रांत में स्थित इस व्यापार नगर से सैकड़ों देशों में विभिन्न प्रकार के उत्पादों का निर्यात होता है। लाखों किस्म के सामान एक ही परिसर में उपलब्ध होने के कारण यह वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। अब उसी अवधारणा को अपनाते हुए नोएडा के पास एक भारतीय अंतरराष्ट्रीय ट्रेड सिटी विकसित करने की तैयारी है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। निर्माण कार्य से लेकर बाजार के संचालन तक, हर चरण में स्थानीय लोगों के लिए काम के नए रास्ते खुलेंगे। इसके साथ ही होटल, परिवहन, भंडारण, पैकेजिंग और अन्य सहायक उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
परामर्श रिपोर्ट के बाद तय होगा अंतिम स्थल और विकास मॉडल, समयबद्ध तरीके से शुरू होगा अंतरराष्ट्रीय बाजार
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प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर के सिंह के अनुसार, परामर्शी संस्था की रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम स्थान, विकास मॉडल और आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की है ताकि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन के साथ ही यह बाजार भी चरणबद्ध रूप से शुरू किया जा सके।
कुल मिलाकर, यमुना किनारे बनने वाला यह अंतरराष्ट्रीय बाजार न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक पहल साबित हो सकता है। यदि यह परियोजना अपने तय स्वरूप में साकार होती है, तो भारत को भी एक ऐसा वैश्विक थोक व्यापार केंद्र मिल जाएगा, जो एशिया के अन्य बड़े बाजारों को कड़ी टक्कर दे सकेगा और मेक इन इंडिया अभियान को नई मजबूती प्रदान करेगी।
