ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) के विरोध में बुधवार को जिला मुख्यालय सूरजपुर पर शिक्षकों का विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह धरना टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं टीएससीटी संयुक्त संघों द्वारा किया गया। धरने में जनपद भर से हजारों की संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे और सरकार से अनिवार्य टेट के निर्णय को वापस लेने की मांग की।
शिक्षकों ने अव्यावहारिक निर्णय के खिलाफ जताया विरोध
धरना कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री गजन भाटी ने किया। वक्ताओं ने कहा कि अनिवार्य टेट का नियम अव्यावहारिक और शिक्षकों के हितों के विरुद्ध है। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेघराज भाटी ने कहा कि नियुक्ति के समय सभी आवश्यक योग्यताएँ पूरी की जा चुकी हैं, इसलिए सेवा के दौरान पुनः परीक्षा लागू करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक यह निर्णय वापस नहीं लिया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा।
जिला अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि नई शर्तें थोपना शिक्षकों के आत्मसम्मान और भविष्य के लिए अनुचित है। जूनियर शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष उमेश राठी एवं जिला अध्यक्ष निरंजन नागर ने कहा कि शिक्षक समाज अपने अधिकारों के प्रति सजग है और अन्यायपूर्ण निर्णय स्वीकार नहीं करेगा।
शिक्षक एकता और सरकार से अपील
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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष अशोक यादव और जिला मंत्री डा. अजयपाल नागर ने कहा कि यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षकों की नौकरी और आजीविका से जुड़ा है। पूर्व मंडलीय मंत्री अशोक शर्मा ने सरकार से अपील की कि शिक्षकों की भावनाओं को समझते हुए कानून तत्काल वापस लिया जाए। टीएससीटी के संयोजक जितेंद्र नागर ने शिक्षक एकता पर बल दिया और संगठित प्रयासों से निर्णय बदलवाने का संदेश दिया।
धरना प्रदर्शन में विभिन्न शिक्षक संगठनों की जिला एवं खंड कार्यकारिणी के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मेघराज भाटी, प्रवीण शर्मा, संतोष नागर, अशोक शर्मा, उमेश राठी, निरंजन नागर, अशोक यादव, अजयपाल नागर, जितेंद्र नागर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए और सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया।
