ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
ग्रेटर नोएडा अब हरियाली के नए इतिहास की ओर कदम बढ़ा रहा है। शहर की आबोहवा को और अधिक शुद्ध व हराभरा बनाने के लिए इस बार महज औपचारिक पौधरोपण नहीं, बल्कि सामूहिक सहभागिता का विराट अभियान शुरू किया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को शासन से जहां 1.25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है, वहीं प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने इसे बढ़ाकर दो लाख पौधों का संकल्प ले लिया है।
प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने सोमवार को उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक
इस महत्वाकांक्षी अभियान के केंद्र में है जनभागीदारी। प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने सोमवार को उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर मिशन ग्रीन ग्रेटर नोएडा की रणनीति तय की। बैठक में तय हुआ कि इस कार्य में आरडब्ल्यूए, ग्राम संगठन, एनजीओ, शैक्षणिक संस्थाएं और सामाजिक संगठन अहम भूमिका निभाएंगे।
इस अभियान में बड़े आकार के छायादार व फलदार पौधों के साथ-साथ झाड़ियों की प्रजातियों को भी शामिल किया गया है। उद्यान विभाग के प्रभारी डीजीएम संजय कुमार जैन और सहायक निदेशक बुद्ध विलास को इस पूरे अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। बैठक में ओएसडी गुंजा सिंह और महाप्रबंधक (स्वास्थ्य) आरके भारती भी शामिल रहे, जिन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग और समन्वय की रणनीति को लेकर सुझाव दिए।
केंद्रीय विहार सोसाइटी ने अपने परिसर के सामने की ग्रीन बेल्ट और फ्लोरीकल्चर सोसाइटी ने ईटा-वन सेक्टर की हरित
बैठक के दौरान फ्लोरीकल्चर सोसाइटी और केंद्रीय विहार सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने ग्रीन बेल्ट को गोद लेकर उसके रख-रखाव की इच्छा जताई। केंद्रीय विहार सोसाइटी ने अपने परिसर के सामने की ग्रीन बेल्ट और फ्लोरीकल्चर सोसाइटी ने ईटा-वन सेक्टर की हरित पट्टी को संवारने का प्रस्ताव दिया, जिस पर प्राधिकरण ने तुरंत साइट विजिट कराकर प्रक्रिया शुरू कर दी।
वहीं आईआईपीपीटी संस्था के सचिव संजीव कुलश्रेष्ठ ने एसीईओ से मुलाकात कर 10 एकड़ क्षेत्र में करीब 25 हजार पौधे लगाकर उसे विकसित व संरक्षित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सराहा गया। सीईओ एनजी रवि कुमार ने कहा कि पौधरोपण सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, यह हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसका संरक्षण करे। घरों की बालकनी में भी अगर लोग गमले में पौधे लगाएं, तो यह भी हरियाली की बड़ी दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम होगा।

प्राधिकरण का लक्ष्य है कि इस बार हर हाथ पौधा लगाए और हर मोहल्ला, हर सोसाइटी और हर गली एक हरित साक्ष्य बने। अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें संरक्षित करने और सींचने की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। प्राधिकरण की मंशा है कि ग्रेटर नोएडा न सिर्फ एनसीआर का सबसे साफ-सुथरा शहर कहलाए, बल्कि पर्यावरण के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील और सक्रिय भी।