एजेकेजीईसी में छह दिवसीय अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का हुआ सफल समापन

Rashtriya Shikhar
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Successful Conclusion of Six-Day Atal Faculty Development Program at AJKGEC IMAGE CREDIT TO INSTITUTE

गाजियाबाद (शिखर समाचार) अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज (एजेकेजीईसी) में शनिवार को छह दिन तक चले अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का समापन समारोह उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित हुआ। यह विशेष प्रशिक्षण सत्र जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर होलिस्टिक हेल्थकेयर : स्मार्ट एनालिटिक्स फॉर ह्यूमन एंड क्रॉप्स विषय पर केंद्रित रहा, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

डीआरडीओ और इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ विशेषज्ञों की उपस्थिति में समापन समारोह सम्पन्न

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समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) मुख्यालय नई दिल्ली के ईआर एंड आईपीआर निदेशालय से एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. के.पी. सिंह उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वीमेन की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नोनीता शर्मा ने शिरकत की। इस दौरान कॉलेज निदेशक प्रो. (डॉ.) हेमंत आहूजा, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनु चौधरी समेत कई वरिष्ठ प्राध्यापक मंचासीन रहे।

विशिष्ट अतिथि डॉ. शर्मा ने कहा कि जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिकित्सा और कृषि दोनों क्षेत्रों में नई संभावनाओं को जन्म दे रहा है। उन्होंने बायोइन्फॉर्मेटिक्स, डेटा माइनिंग और टाइम सीरीज़ फोरकास्टिंग जैसे क्षेत्रों में इसके उपयोग की अहमियत पर बल दिया। मुख्य अतिथि डॉ. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि एआई और स्मार्ट एनालिटिक्स भविष्य में शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई ऊँचाई पर ले जाएंगे। उन्होंने वैज्ञानिक समुदाय के लिए नवाचार और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) की आवश्यकता को भी विस्तार से समझाया।

तकनीकी समृद्धि और एआई-कृषि के संगम पर शिक्षकों ने जताई उम्मीदें

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इस अवसर पर निदेशक डॉ. आहूजा ने कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों को अद्यतन तकनीक से समृद्ध करते हैं, जिससे वे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा देने में समर्थ बनते हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अनु चौधरी ने कहा कि जब एआई और कृषि का संगम होगा, तभी वैश्विक खाद्य एवं स्वास्थ्य परिदृश्य में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा।

कार्यक्रम की छह दिवसीय अवधि में विशेषज्ञों ने एआई आधारित शुरुआती रोग पहचान, सटीक इलाज, कृषि पूर्वानुमान, सतत खेती और स्मार्ट एनालिटिक्स जैसे विषयों पर गहन विमर्श किया। इस दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए और प्रतिभागियों को नई तकनीकों से अवगत कराया।

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समापन सत्र में प्रो. (डॉ.) शशांक साहू ने कॉलेज के डायरेक्टर जनरल डॉ. आर.के. अग्रवाल और एडवाइज़र डॉ. अमृता देव का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं और सहयोगियों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम संचालन डॉ. निशांत कुमार पाठक एवं सुश्री महिमा सक्सेना ने किया। समन्वयक डॉ. इंद्रजीत कौर और सह-समन्वयक डॉ. संतोष उपाध्याय ने कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रतिभागियों और विद्यार्थियों को धन्यवाद दिया।

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