आईटीएस मोहननगर में बिग बॉस 2025 की शीर्ष छह प्रतिभागी मालती चाहर से रूबरू हुए छात्र

Rashtriya Shikhar
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Students face top six contestants of Bigg Boss 2025 Malti Chahar at ITS Mohannagar IMAGE CREDIT TO आईटीएस इंस्टीट्यूट

गाजियाबाद (शिखर समाचार) आईटीएस मोहननगर परिसर में सोमवार को विद्यार्थियों के लिए एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें चर्चित रियलिटी शो बिग बॉस 2025 की शीर्ष छह प्रतिभागियों में शामिल अभिनेत्री, मॉडल और फिल्म निर्माण से जुड़ी मालती चाहर ने छात्रों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

दीप प्रज्वलन के साथ ज्ञान और संस्कारों का शुभारंभ

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कार्यक्रम का औपचारिक आरंभ उपाध्यक्ष अर्पित चड्ढा, अतिथि मालती चाहर, फिल्म निर्माता समीर चाहर तथा संस्थान के निदेशक मंडल के सदस्य अजय कुमार, सुनील पांडेय और नैंसी शर्मा द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।

स्वागत उद्बोधन में अर्पित चड्ढा ने कहा कि भारत प्रतिभाओं से परिपूर्ण देश है, बस जरूरत है तो युवाओं को सही अवसर और मार्गदर्शन देने की। उन्होंने कहा कि मालती चाहर जैसी युवा प्रतिभाएं, जिन्होंने परिश्रम और समर्पण के बल पर अपनी पहचान बनाई है, आज के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने सभी अतिथियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

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इसके पश्चात मुख्य अतिथि के रूप में मालती चाहर ने अपने संबोधन में आईटीएस मोहननगर द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़ना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव है। आज का समय अवसरों से भरा हुआ है, लेकिन चुनौतियाँ भी उतनी ही तेजी से बदल रही हैं। आने वाला भविष्य केवल डिग्री नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुकूलन क्षमता और निरंतर सीखने की इच्छा को महत्व देगा।

छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मालती चाहर ने कहा कि सबसे पहले स्वयं पर विश्वास करना आवश्यक है। आत्मविश्वास का अर्थ यह नहीं कि सब कुछ पहले से आता हो, बल्कि यह है कि नई परिस्थितियों का सामना साहस के साथ किया जाए। उन्होंने संवाद कौशल, समूह में कार्य करने की क्षमता, रचनात्मक सोच, अनुशासन और भावनात्मक समझ को करियर के लिए बेहद जरूरी बताया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को कक्षा के बाहर की गतिविधियों में भाग लेने, अपने सहज क्षेत्र से बाहर निकलने और असफलता से न डरने की सीख दी। उन्होंने कहा कि असफलताएँ व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं और आगे बढ़ने का मार्ग दिखाती हैं। कार्यक्रम के समापन पर मालती चाहर ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए और स्मृति के रूप में उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। पूरे कार्यक्रम का माहौल प्रेरणादायक और उत्साह से भरा रहा।

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