ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)।
दनकौर ब्लॉक कार्यकारिणी की बैठक में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेघराज भाटी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। फेडरेशन में राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी मिलने पर शिक्षकों ने उन्हें फूलमालाओं से सम्मानित किया। बैठक में 5 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली टीईटी विरोधी महारैली को ऐतिहासिक बनाने का लक्ष्य तय किया गया।
5 दिसंबर की महारैली: शिक्षक समाज की आवाज़, हक और सम्मान की लड़ाई बनेगी प्रतीक
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने की और संचालन जिलामंत्री गजन भाटी ने किया। इस अवसर पर मेघराज भाटी ने कहा कि 5 दिसंबर की महारैली सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि शिक्षक समाज की आवाज है। हर अध्यापक को इस आंदोलन को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए अधिक से अधिक संख्या में रैली में शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह रैली शिक्षकों के हक, सम्मान और अधिकार की लड़ाई का प्रतीक बनेगी।
जिला अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि संगठन तभी मजबूत होता है जब हर शिक्षक उसकी ताकत बने। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ ने हमेशा शिक्षक हितों के लिए संघर्ष किया है और अब समय आ गया है कि सभी एक मंच पर एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं।
शिक्षक एकजुट: बदलती नीतियों के खिलाफ संघर्ष की राह अपनाने का आह्वान
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जिला संरक्षक अशोक शर्मा ने शिक्षकों के सामने आने वाली भावी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलती नीतियों और नए नियमों के बीच शिक्षकों को एकता बनाए रखते हुए संघर्ष की राह अपनानी होगी। जिला उपाध्यक्ष बलेराम नागर ने कहा कि सरकार की नीतियां शिक्षक विरोधी हैं और अब इनका जवाब एकजुटता से दिया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक अध्यक्ष दनकौर सतीश पीलवान, जिला संगठन मंत्री अरविंद शर्मा और ब्लॉक मंत्री रामकुमार शर्मा की टीम ने किया। बैठक में जिले और ब्लॉकों से जुड़े पदाधिकारियों सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
शिक्षक समुदाय की जबरदस्त सहभागिता: सैकड़ों ने जताया एकजुटता का संदेश
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इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष प्रीति पांडे, अतुल उपाध्याय, सरिता यादव, ज्योतिर्मय पांडेय, मौ असलम, माला बजाज, राजीव शर्मा, सुमनलता पटेल, स्मिता सिंह, निर्मला त्यागी, प्रतिभा अवस्थी, गजराज रावत, दीप्ति यादव, आलेख नागर, विनीत रावत, शौकत अली, कपिल भाटी, कमलेश यादव, लालसा यादव, मुदिता तिवारी, पारुल उपाध्याय, वीर सिंह, अजीत नागर, श्याम सिंह विकल, भारती श्रीवास्तव, छाया मिश्रा, रेशु उज्जवल, रचना मोरल, शबनम अधाना, निधि, सुदर्शन शर्मा, नित्यानंद शर्मा, ज्योति दुबे, अनीता रानी, कमल कान्त, आशा, श्वेता इंदौरिया, उर्वशी वर्मा, पूनम चौधरी, नीतू चौधरी, हरेंद्र, सोनिया यादव, सुमन, अंजू तोंगड़, नीतू शर्मा, सविता त्यागी, लुकमान, सीता, सविता खानपुर, सविता मोमना, शिवांगी पटेल, विष्णु प्रिया, मनोज भाटी, अलका रानी कारवाल, ईशा शर्मा, शुभा पांडेय, रामकिशन शर्मा, मनीषा रानी, तृप्ति धवन, रीना सिंह, नीलम यादव, पुनीता कुमारी, शीलू सिंह, प्रभा सिंह, धन देवी, रेनू वर्मा, दीपक भाटी, प्रियंका सिंह, सम्बुल बनो, कमरुनिशा, महेश, सीमा पाल, बिंदु मति चौहान, ब्रजेश डागर समेत अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में यह निश्चय किया गया कि 5 दिसंबर की महारैली शिक्षक समाज की एकजुटता का प्रतीक बनेगी और सरकार को शिक्षकों की ताकत का एहसास कराएगी।
