गाजियाबाद (शिखर समाचार)
आईटीएस मोहन नगर गाजियाबाद के द्रोणाचार्य ऑडिटोरियम में आईटीएस संवाद श्रृंखला के अंतर्गत बजट 2026: ए रोडमैप टू विकसित भारत 2047 विषय पर विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ख्यातिप्राप्त अर्थशास्त्री एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत और स्वागत समारोह
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर आईटीएस के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा, निदेशक डॉ. सुनील कुमार पाण्डेय, संयोजक डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव और यूजी कैंपस की प्राचार्या डॉ. नैंसी शर्मा उपस्थित रहीं। मुख्य वक्ता का पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह और शाल भेंट कर स्वागत किया गया। वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने छात्रों को ऐसे ज्ञानवर्धक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी।
मुख्य वक्ता ने किया बजट 2026 का विश्लेषण
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गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने केंद्रीय बजट 2026 के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बजट निर्माण एक जटिल और बहु-स्तरीय प्रक्रिया है, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं की सक्रिय भागीदारी होती है। सरल उदाहरणों के माध्यम से बजट तैयार होने की पूरी प्रक्रिया को छात्रों के सामने स्पष्ट किया।
रोजगार और युवा सशक्तिकरण पर जोर
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अग्रवाल ने विशेष रूप से रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास, स्टार्टअप प्रोत्साहन, कौशल विकास और युवा सशक्तिकरण से जुड़े प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बजट 2026 विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक सशक्त रोडमैप प्रस्तुत करता है और छात्रों को नई नीतियों और पहलों से मिलने वाले करियर तथा उद्यमिता के अवसरों की जानकारी दी।
निर्देशक का संदेश और छात्रों की भागीदारी
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संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील कुमार पाण्डेय ने छात्रों को देश में हो रही राजनीतिक और आर्थिक गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने और बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य का विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से अध्ययन करने पर जोर दिया। व्याख्यान के बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने बजट के सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक प्रभावों से जुड़े सवाल पूछे, जिनका मुख्य वक्ता ने तथ्यपरक और संतुलित उत्तर दिए।
संवाद श्रृंखला का उद्देश्य और समापन
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कार्यक्रम से पूर्व संयोजक डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव ने संवाद श्रृंखला के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डाला। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आईटीएस संवाद श्रृंखला का यह आयोजन संस्थान की अकादमिक उत्कृष्टता और उद्योग-अकादमिक समन्वय को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
