जम्मू कश्मीर में बर्फीली आफ़त और सैलानी उत्सव, श्रीनगर के पहाड़ों ने ओढ़ी सफ़ेद बर्फ की चादर

Rashtriya Shikhar
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Snowy spectacle and tourist festival in Jammu & Kashmir; Srinagar’s mountains draped in a white blanket of snow IMAGE CREDIT TO REPORTER

श्रीनगर (शिखर समाचार)
जम्मू कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में इस समय प्रकृति ने अपना सबसे मनमोहक और साथ ही चुनौतीपूर्ण रूप दिखा दिया है। श्रीनगर से लेकर गुलमर्ग तक लगातार हुई भारी बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को सफ़ेद रंग में रंग दिया है। श्रीनगर के पहाड़ों ने मानो शीत ऋतु की सफ़ेद बर्फ की चादर ओढ़ ली हो। इस बर्फबारी का असर केवल ऊंचाई वाले इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मैदानी क्षेत्रों में भी कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है।

जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी का पर्यटन और जनजीवन पर प्रभाव

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भीषण ठंड और फिसलन के बावजूद सैलानियों का उत्साह कम नहीं हुआ है। उल्टे बर्फ से ढकी वादियों को देखने और उसका आनंद लेने के लिए देश के अलग अलग हिस्सों से पर्यटक बड़ी संख्या में श्रीनगर और गुलमर्ग पहुंच रहे हैं। सड़कों, बाज़ारों और पर्यटन स्थलों पर चहल-पहल बढ़ गई है। बर्फ पर फिसलने, खेलकूद करने और तस्वीरें खिंचवाने में लोग घंटों बिता रहे हैं।

पर्यटकों की अचानक बढ़ी भीड़ का सीधा असर स्थानीय व्यवस्थाओं पर पड़ा है। ठहरने की जगहों में भारी दबाव देखने को मिल रहा है। होटलों में कमरे मिलना मुश्किल हो गया है और किराये में तेज़ उछाल आया है। एक दिन के कमरे का किराया दस हज़ार रुपये से ऊपर बताया जा रहा है। खाने-पीने की वस्तुओं के दाम भी आम लोगों की पहुंच से बाहर होते नज़र आ रहे हैं। साधारण पानी की बोतल तक सौ रुपये में बिक रही है, जिससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों की गतिविधियां बर्फबारी के बीच

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इस बीच कठिन मौसम में सुरक्षा व्यवस्था को संभालना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। बर्फबारी के बीच कई राज्यों से आए जवान मोर्चा संभाले हुए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश से आए जवानों की संख्या अधिक बताई जा रही है, जो दुर्गम रास्तों और अत्यधिक ठंड के बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से घूमने पहुंचे प्रभात सिंह अपने साथियों तरुल पवार और तरुण लकड़ा के साथ गुलमर्ग में मौजूद हैं। प्रभात सिंह ने बताया कि हाल के दिनों में हुई जबरदस्त बर्फबारी के कारण यहां सैलानियों की संख्या अचानक बहुत बढ़ गई है। उन्होंने यह भी बताया कि एशिया की दूसरी सबसे ऊंची केबल रोप वे पर यात्रियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। लोग ऊंचाई से बर्फ से ढकी घाटियों, पेड़ों और पहाड़ों को देखकर रोमांच और आनंद का अनुभव कर रहे हैं।

बर्फबारी का पर्यटन और जीवन पर समग्र प्रभाव

कुल मिलाकर, जम्मू कश्मीर में इस समय बर्फबारी ने एक ओर जनजीवन को मुश्किलों में डाला है, तो दूसरी ओर पर्यटन को नई ऊर्जा दी है। श्रीनगर और गुलमर्ग की सफ़ेद वादियां सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, जहां ठंड, बर्फ और रोमांच एक साथ देखने को मिल रहा है।

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