चंडीगढ़ (शिखर समाचार)। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की पहल पर शुक्रवार को आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन कौशल मंथन ने उत्तर भारत में कौशल विकास और उद्यमिता के भविष्य को लेकर नई राह तय की। यह आयोजन न केवल राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच सहयोग को गहरा करने का मंच बना, बल्कि विकसित भारत@2047 के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।
जयंत चौधरी ने कौशल विकास में राज्यों और उद्योगों की भागीदारी पर जोर दिया
सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने की। उन्होंने उद्घाटन सत्र में कहा कि भारत को विश्व की स्किल कैपिटल बनाने का सपना तभी पूरा होगा जब सभी राज्य अपनी ताकतों को साझा करें और उद्योग जगत को वास्तविक भागीदार बनाया जाए।
इस अवसर पर बिहार, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।
60,000 करोड़ की राष्ट्रीय आईटीआई उन्नयन योजना से कौशल शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव का आगाज़
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सम्मेलन का मुख्य आकर्षण 60,000 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय आईटीआई उन्नयन योजना रही, जिसके अंतर्गत 1,000 सरकारी आईटीआई को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और हब-एंड-स्पोक मॉडल के जरिये उत्कृष्टता केंद्रों में बदला जाएगा। उद्योग-नेतृत्व वाली कंपनियां इस परिवर्तन का नेतृत्व करेंगी। साथ ही पीएमकेवीवाई 4.0, राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना, जन शिक्षण संस्थान और स्किल इम्पैक्ट बॉन्ड जैसे नए वित्तीय तंत्रों पर भी गहन विमर्श हुआ।
जयंत चौधरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार अवसर उपलब्ध करा सकती है, लेकिन वास्तविक बदलाव तभी संभव है जब छात्र स्वयं जिम्मेदारी लेकर आगे आएं और उपलब्ध संसाधनों का पूरा लाभ उठाएं। भाषा से लेकर खेल तक, हर क्षेत्र को एक कौशल के रूप में देखना होगा क्योंकि आने वाले समय में अर्थव्यवस्था इन सबकी मांग करेगी।
राज्यों ने साझा प्रयासों से सहयोगी संघवाद की मिसाल कायम की
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राज्यों ने अपने-अपने प्रयास साझा करते हुए सहयोगी संघवाद की भावना को मजबूती दी। पंजाब ने आईटीआई सुधार और नए युग के व्यवसायों पर अपने प्रयोग साझा किए। हरियाणा ने ड्रोन दीदी योजना और देश का पहला कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने की जानकारी दी। बिहार ने उद्योग 4.0 साझेदारी और कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का उल्लेख किया। जम्मू-कश्मीर ने ‘मिशन युवा’ पहल को रखा, जो चार लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य लिए हुए है। वहीं उत्तराखंड ने टाटा टेक्नोलॉजीज और हीरो जैसी कंपनियों के साथ उत्कृष्टता केंद्रों की साझेदारी पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन में मौजूद सांसदों, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि स्किल इंडिया डिजिटल हब जैसे प्लेटफॉर्म पारदर्शिता और मापनीय नतीजों के लिए अहम भूमिका निभाएंगे। समापन सत्र में सभी राज्यों ने साझा कार्य योजनाएं बनाने और उद्योग जगत से भागीदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
