आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)| उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह की भू-माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। आज सुबह तड़के जब पूरा शहर घने कोहरे की चादर में लिपटा था, तब सिद्धार्थ विहार योजना के सेक्टर 4 में भू-माफिया सरकारी जमीन निगलने की फिराक में थे। लेकिन निर्माण खंड-2 की मुस्तैद टीम ने माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेरते हुए करीब 40 करोड़ रुपये मूल्य की 3000 वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया।
साजिश: घने कोहरे की आड़ में बाउंड्री वॉल का निर्माण
सूत्रों के अनुसार, अवैध कब्जा करने वालों ने योजना बनाई थी कि घने कोहरे और कम दृश्यता (Visibility) का फायदा उठाकर रातों-रात बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी जाए। सूचना मिलते ही अधिशासी अभियंता विकास गौतम के नेतृत्व में निर्माण खंड-2 की टीम बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंच गई।
भारी विरोध के बावजूद डटी रही टीम
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कार्रवाई के दौरान अवैध कब्जेदारों ने भारी भीड़ जुटाकर टीम को डराने का प्रयास किया और झूठे तथ्यों के साथ काम रुकवाने के लिए कड़ा विरोध किया। स्थिति तनावपूर्ण थी, लेकिन विकास गौतम और उनकी टीम जिसमें सहायक अभियंता कमलेश, आफताब तथा अवर अभियंता योगेंद्र गुप्ता, मुकुल, विवेक और राम कुमार राणा शामिल थे बिना किसी दबाव में आए माफियाओं के सामने डटकर खड़े रहे। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
FIR दर्ज, लखनऊ तक गूंजी कार्रवाई
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अधीक्षण अभियंता ए.के. मित्तल ने बताया कि परिषद की संपत्ति पर आंख उठाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध नामजद एफआईआर (F.I.R.) दर्ज करा दी गई है। गाजियाबाद में आवास विकास टीम की इस त्वरित और निडर कार्रवाई की चर्चा अब लखनऊ मुख्यालय तक है। माना जा रहा है कि फील्ड अधिकारियों की इस जांबाजी से आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह बेहद प्रभावित हैं, क्योंकि टीम ने न केवल सरकारी संपत्ति बचाई बल्कि विभाग का इकबाल भी बुलंद किया है।

