ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा ग्रेनो वेस्ट क्षेत्र में सीवेज निस्तारण व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसी क्रम में ग्रेनो वेस्ट के सेक्टर 1 में 45 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले सीवेज शोधन संयंत्र तथा मास्टर सीवेज पंपिंग स्टेशन का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। बृहस्पतिवार को प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा सिंह ने निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
गाजियाबाद में जल और स्वच्छता क्रांति: सीवेज परियोजनाओं का समय से पूर्व पूरा होने का लक्ष्य
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि लगभग 71 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सीवेज शोधन संयंत्र का अब तक करीब 40 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष कार्य को आगामी छह माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे मास्टर सीवेज पंपिंग स्टेशन को तीन माह में पूरा करने की योजना है। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने दोनों ही परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा से पहले पूर्ण कर चालू करने पर जोर दिया।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्वच्छता का बड़ा कदम: नए सीवेज संयंत्र से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को मिलेगा मजबूतीभरा योगदान
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/iicdem-2026-begins-bharat-mandapam-hub/
इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर 1, 2, 3, 4, सेक्टर 16, 16बी, 16सी, टेकजोन 4 एवं 7, इकोटेक 12, 14 व 15 सहित हैबतपुर, पतवारी, बिसरख, ऐमनाबाद, इटेहरा, छोटी मिलक, मिलक लच्छी, शाहबेरी और तिगड़ी जैसे क्षेत्रों के सीवेज का वैज्ञानिक ढंग से शोधन किया जा सकेगा। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में स्वच्छता और जनस्वास्थ्य की स्थिति भी बेहतर होगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में ग्रेटर नोएडा में चार सीवेज शोधन संयंत्र कार्यरत हैं। इनमें बादलपुर स्थित संयंत्र की क्षमता 2 मिलियन लीटर प्रतिदिन, कासना स्थित संयंत्र की क्षमता 137 मिलियन लीटर प्रतिदिन, इकोटेक 2 स्थित संयंत्र की क्षमता 15 मिलियन लीटर प्रतिदिन तथा इकोटेक 3 स्थित संयंत्र की क्षमता 20 मिलियन लीटर प्रतिदिन है। ग्रेनो वेस्ट में 45 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता का नया संयंत्र चालू होने से सीवेज शोधन की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान संभव हो सकेगा। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव, प्रबंधक संध्या सिंह तथा सीवर विभाग की टीम भी मौके पर उपस्थित रही।
