हवन पूजन, विचार गोष्ठी और शोभायात्रा के साथ मनाया गया संत गुरु रविदास जन्मोत्सव

Rashtriya Shikhar
2 Min Read
Sant Guru Ravidas Jayanti celebrated with Havan, seminar, and procession IMAGE CREDIT TO REPORTER

बिजनौर (शिखर समाचार) धामपुर क्षेत्र के ग्राम नगला नैंसी और नगली लाड्डन में संत शिरोमणि गुरु रविदास का जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हवन यज्ञ और विधिवत पूजा अर्चना से हुई, जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

संत रविदास: सामाजिक समानता और मानवीय मूल्यों के प्रबल प्रवर्तक

ALSO READ:https://www.amarujala.com/delhi-ncr/ghaziabad/cold-wave-today-yellow-alert-for-fog-again-from-tomorrow-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-802437-2026-01-15?src=top-subnav

इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने संत रविदास के विचारों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें सामाजिक समानता और मानवीय मूल्यों का प्रबल पक्षधर बताया। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व मंडल प्रभारी ब्रह्मपाल सिंह ने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवनकाल में वर्ण व्यवस्था, जाति पांति, छुआछूत, पाखंड और रूढ़िवादी परंपराओं का विरोध करते हुए समाज को समानता और बंधुत्व का मार्ग दिखाया।

जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें संत रविदास की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। अखाड़ों के कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए धर्मशाला पर पहुंची, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।

ग्राम स्तर पर व्यापक सहभागिता: स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों ने भंडारों को सफल बनाया

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/grand-cxo-meet-2025-held-at-its-mohan-nagar/

ग्राम नगला नैंसी में छोटे सिंह अखाड़े के खलीफा रहे कन्हैया सिंह सहित राकेश कुमार, सुशील कुमार, ब्रह्मजीत, पुखराज सिंह, शेर सिंह और नरोत्तम प्रधान की सक्रिय सहभागिता रही। वहीं नगली लाड्डन में गजेंद्र सिंह, नरेश गौतम, कृपाल सिंह, तेजपाल सिंह, अंकित कुमार, मदन सिंह, नरेश कुमार और सतपाल ने आयोजन को सफल बनाया। नौरंगाबाद में भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें संतराम, अक्षय कुमार, चंद्रपाल सिंह, फूल सिंह और रविंद्र कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने संत रविदास के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

Share This Article
Leave a comment