शामली (शिखर समाचार) जनपद की तीनों तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। शामली तहसील सभागार में कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान ने की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि फरियादियों की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापरक निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
तहसीलवार शिकायतें और निस्तारण
- शामली तहसील: कुल 38 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 3 का तत्काल निस्तारण किया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्वक निपटाने के निर्देश दिए गए।
- कैराना तहसील: उप जिलाधिकारी निधि भारद्वाज की अध्यक्षता में 21 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2 का मौके पर निस्तारण किया गया और शेष मामलों को विभागीय अधिकारियों को सौंपा गया।
- ऊँ तहसील: मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी की अध्यक्षता में 21 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें 2 का तत्काल निस्तारण किया गया। उप जिलाधिकारी संदीप त्रिपाठी एवं तहसीलदार ललिता चौधरी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
अनुपस्थित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
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कार्यक्रम के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी जगदेव सिंह के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता की अनुपस्थिति पर उनके वेतन रोकने की कार्रवाई की हिदायत दी गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं मंडी सचिव के अनुपस्थिति के मामले में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार को निर्देशित किया कि संबंधित अधिकारियों की चिकित्सीय जांच रिपोर्ट शाम तक उपलब्ध कराई जाए।
उपस्थित अधिकारी
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इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी सत्येन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी शामली अर्चना शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार, परियोजना निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण प्रेमचंद एवं तहसीलदार मनोज कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से अवलोकन कर समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को त्वरित और प्रभावी राहत मिल सके।
