भू-माफियाओं के खिलाफ आरडब्ल्यूए का हल्लाबोल: मकनपुर श्मशान घाट बचाने को उतरा पूरा इंदिरापुरम

Rashtriya Shikhar
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RWA Takes a Stand Against Land Mafias: Entire Indirapuram Rallies to Save Makanpur Crematorium IMAGE CREDIT TO पार्षद

आरव शर्मा
गाजियाबाद(शिखर समाचार)।
इंदिरापुरम के मकनपुर स्थित प्राचीन श्मशान घाट को बिल्डरों और भू-माफियाओं के चंगुल से बचाने के लिए क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक सोसायटियों ने मोर्चा खोल दिया है। फ्लैट ओनर आरडब्ल्यूए फेडरेशन के नेतृत्व में शहर की विभिन्न रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर इस बेशकीमती जमीन को बचाने की गुहार लगाई है।
वार्ड 87 के पार्षद और फ्लैट ओनर आरडब्ल्यूए फेडरेशन (इंदिरापुरम जोन) के अध्यक्ष अनुज त्यागी ने सभी सोसायटियों के विरोध पत्रों को एक साथ अधिकारियों को सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि श्मशान घाट के साथ कोई छेड़छाड़ हुई, तो बड़ा जन-आंदोलन किया जाएगा।

इन सोसायटियों ने दर्ज कराया कड़ा विरोध

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क्षेत्र के लाखों लोगों की भावनाओं और जरूरत से जुड़े इस मुद्दे पर जयपुरिया सनराइज, जीसी सेंट्रम, निहो स्कॉटिश, शिप्रा नियो, रॉयल गार्डन कनावनी, न्याय खंड-3, ज्ञान खंड-3, शिप्रा रिवेरा, अभय खंड RWA, नीति खंड-3 और ज्ञान खंड-2 विजय अपार्टमेंट जैसी प्रमुख सोसायटियों ने लिखित आपत्ति दर्ज कराई है।

क्या है पूरा मामला

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शिकायती पत्रों के अनुसार, मकनपुर गांव का यह श्मशान घाट करीब 400-500 साल पुराना है, जो वर्तमान में शक्ति खंड-4 के पास स्थित है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कुछ बिल्डर और भू-माफिया निजी स्वार्थ के लिए प्रशासन और जीडीए के साथ मिलकर इस घाट को यहाँ से हटवाने या स्थानांतरित कराने की साजिश रच रहे हैं।

लाखों लोगों की सुविधा का सवाल

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पार्षद अनुज त्यागी ने बताया कि यह श्मशान घाट केवल मकनपुर या कनावनी गांव के लिए नहीं, बल्कि इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा और आसपास की करीब 10 लाख आबादी के लिए एकमात्र सुलभ अंतिम संस्कार स्थल है। साल 2012-14 से नगर निगम यहाँ रसीदें काट रहा है, जिसके आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होते हैं। ऐसे में इसे हटाना न केवल जनहित के विरुद्ध है, बल्कि लाखों लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम है।

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