राष्ट्रीय राउंड टेबल सम्मेलन में चुनावी प्रक्रियाओं को मजबूत करने का संकल्प

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
A resolution to strengthen electoral processes at the National Round Table Conference IMAGE CREDIT TO चुनाव आयोग

नई दिल्ली (शिखर समाचार)
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय राउंड टेबल सम्मेलन मंगलवार 24 फरवरी 2026 को भारत मंडपम में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में राष्ट्रीय और संवैधानिक हितों को और सुदृढ़ करने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में 30 राज्यों के राज्य निर्वाचन आयोगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधु तथा निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी भी उपस्थित रहे।

27 वर्षों बाद हुआ राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन

ALSO READ:https://www.amarujala.com/delhi-ncr/ghaziabad/cold-wave-today-yellow-alert-for-fog-again-from-tomorrow-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-802437-2026-01-15?src=top-subnav

राज्य निर्वाचन आयुक्तों ने 27 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित इस सम्मेलन की सराहना करते हुए इसे प्रत्येक वर्ष आयोजित करने का संकल्प लिया। सम्मेलन में वर्ष 2026 की राष्ट्रीय घोषणा को अपनाते हुए कहा गया कि शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है और पारदर्शी तथा कुशल चुनाव व्यवस्था लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाती है।

तकनीकी संसाधनों और चुनावी ढांचे को साझा करने पर जोर

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/grand-cxo-meet-2025-held-at-its-mohan-nagar/

सम्मेलन में प्रस्ताव रखा गया कि राष्ट्रीय और संवैधानिक हितों को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग परस्पर स्वीकार्य कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करेंगे। इसके अंतर्गत तकनीकी संसाधनों, मतदाता सूची और चुनावी प्रबंधन से जुड़े ढांचे को साझा करने पर बल दिया गया।

पंचायत और विधानसभा चुनाव कानूनों में बेहतर तालमेल की पहल

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/trans-hindon-cyber-police-40-crore-recovered/

यह भी निर्णय लिया गया कि पंचायत और नगर निकाय चुनावों से जुड़े कानूनों तथा संसद और राज्य विधानसभाओं के चुनाव संबंधी कानूनों में बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोगों से आयोग की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का भी आग्रह किया गया। सम्मेलन में प्राप्त सुझावों का अध्ययन करने के लिए कानूनी और तकनीकी अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है। आगामी तीन महीनों में राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप भावी कार्ययोजना तैयार कर भारत निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत की जाएगी।

Share This Article
Leave a comment