रेमिडियो इनोवेटिव सॉल्यूशंस को भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 में एआई बाय हर चुनौती में शीर्ष तीन में स्थान

Rashtriya Shikhar
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Remidio Innovative Solutions Secures Top Three Position in Every AI-by-Her Challenge at the India Artificial Intelligence Impact Summit 2026 IMAGE CREDIT TO रेमिडियो इनोवेटिव सॉल्यूशंस

नई दिल्ली (शिखर समाचार) भारत की पहली केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन से अनुमोदित नेत्र चिकित्सा आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनी रेमिडियो इनोवेटिव सॉल्यूशंस को India AI Impact Summit में आयोजित ‘एआई बाय हर’ वैश्विक चुनौती में देश के शीर्ष तीन नवाचारों में स्थान प्राप्त हुआ है। विश्व के सबसे बड़े कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलनों में शामिल इस शिखर सम्मेलन में नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया तथा समाज पर व्यापक प्रभाव डालने वाले नवाचारों को सम्मानित किया गया। ‘एआई बाय हर’ चुनौती का उद्देश्य महिला नेतृत्व वाली टीमों द्वारा विकसित प्रभावशाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाधानों को पहचान देना था। स्वास्थ्य जांच, सटीक पोषण, प्रतिभा विश्लेषण और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीमों को इस मंच पर स्थान मिला। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 50 से अधिक देशों से 4,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिससे इसकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा और महत्व स्पष्ट होता है।

तीन प्रमुख नेत्र रोगों की जांच, एक स्पर्श में

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रेमिडियो को यह सम्मान उसके मेडियोस एचआई (मानवीय बुद्धिमत्ता) मंच के लिए मिला है। यह पूर्णतः उपकरण पर आधारित, बिना इंटरनेट के संचालित होने वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली है, जो अंधत्व के तीन प्रमुख और रोके जा सकने वाले कारणों—मधुमेहजन्य रेटिनोपैथी, काला मोतिया और आयु संबंधी धब्बेदार अपक्षय—की जांच कुछ ही सेकंड में कर सकती है। कंपनी के ‘फंडस ऑन फोन (एफओपी एनएम 10)’ नामक रेटिना कैमरे पर एक बार स्पर्श करते ही तीनों रोगों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो जाती है। इसके संचालन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की अनिवार्यता नहीं होती, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी जांच संभव हो पाती है।

कंपनी की कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली की सटीकता अनेक स्वतंत्र और भावी नैदानिक अध्ययनों में प्रमाणित हो चुकी है। इसके निष्कर्ष प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं जैसे JAMA Ophthalmology, Eye तथा Indian Journal of Ophthalmology में प्रकाशित हुए हैं।

नैदानिक अध्ययनों से प्रमाणित सटीकता

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मधुमेहजन्य रेटिनोपैथी की पहचान में इस प्रणाली ने 93 प्रतिशत संवेदनशीलता और 92.5 प्रतिशत विशिष्टता प्रदर्शित की, जिसका प्रकाशन BMJ Open Diabetes Research & Care में हुआ। काला मोतिया की जांच में 91 प्रतिशत संवेदनशीलता और 93 प्रतिशत विशिष्टता दर्ज की गई। आयु संबंधी धब्बेदार अपक्षय की पहचान में भी उच्च स्तर की सटीकता प्राप्त हुई। इन तीनों कृत्रिम बुद्धिमत्ता एल्गोरिद्म को भारत में सबसे पहले केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की स्वीकृति प्राप्त हुई। साथ ही कंपनी के उपकरणों को यूरोपीय संघ में चिकित्सा सॉफ्टवेयर की श्रेणी द्वितीय के रूप में मान्यता मिली है तथा अमेरिका में U.S. Food and Drug Administration की 510(के) पंजीकरण प्रक्रिया के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है। इससे रेमिडियो को वैश्विक स्तर पर विश्वसनीयता मिली है।

भारत में अनुमानतः 30 करोड़ से अधिक लोग इन नेत्र रोगों से प्रभावित हैं या इनके जोखिम में हैं। समय पर जांच और उपचार के अभाव में बड़ी संख्या में लोग स्थायी दृष्टि हानि का सामना करते हैं। विशेषज्ञों की कमी और महंगी जांच व्यवस्था इस समस्या को और बढ़ाती है। रेमिडियो की उपकरण आधारित, ऑफलाइन कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली इस चुनौती का समाधान प्रस्तुत करती है।

व्यापक सामाजिक प्रभाव और भविष्य की दिशा

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अब तक कंपनी के उपकरणों के माध्यम से 55 से अधिक देशों में 1.6 करोड़ से अधिक लोगों की नेत्र जांच की जा चुकी है तथा विश्वभर में 4,000 से अधिक उपकरण स्थापित किए गए हैं। कम लागत में बड़े स्तर पर जांच संभव होने से जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों को नई दिशा मिली है। रेमिडियो अब ‘ओकुलोमिक्स’ अवधारणा पर कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत रेटिना की एक छवि से हृदय रोग, तंत्रिका तंत्र संबंधी विकारों और अन्य चयापचय संबंधी बीमारियों के जोखिम का संकेत प्राप्त किया जा सकता है। कंपनी का उद्देश्य नियमित नेत्र परीक्षण को व्यापक स्वास्थ्य जांच में परिवर्तित करना है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं संस्थापक निदेशक आनंद सिवरामन ने कहा कि यह सम्मान उनकी टीम की वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी दिव्या राव ने इसे पूरी टीम, सहयोगियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सामूहिक उपलब्धि बताया। रेमिडियो इनोवेटिव सॉल्यूशंस ने नेत्र चिकित्सा को सुलभ, सटीक और किफायती बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए भारत को वैश्विक स्वास्थ्य नवाचार के मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाई है।

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